नई दिल्ली, 19 सितम्बर (अशोक “अश्क”) भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में आई दरार अब भरती नजर आ रही है। टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान के बीच भारत के लिए एक सकारात्मक खबर सामने आई है। सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने बड़ा दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 25 प्रतिशत पेनल्टी टैरिफ को हटा सकता है।

गुरुवार, 18 सितंबर को दिए गए एक बयान में नागेश्वरन ने कहा कि अमेरिका की ओर से लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ राजनीतिक परिस्थितियों के चलते था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। उन्होंने कहा, “राजनीतिक कारणों से 25 प्रतिशत पेनल्टी टैरिफ लगाया गया था, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों की घटनाओं को देखते हुए मेरा मानना है कि यह टैरिफ 30 नवंबर के बाद नहीं रहेगा।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत अनुमान है और फिलहाल कोई ठोस प्रमाण नहीं है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने बताया कि दोनों देश तनाव कम करने के प्रयास में लगे हुए हैं। सप्ताह की शुरुआत में ही अमेरिकी वार्ताकार भारत दौरे पर थे, जहां दिल्ली में व्यापार से जुड़ी अहम बातचीत हुई। इस मुलाकात को सकारात्मक माना जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नया मोड़ आ सकता है।
नागेश्वरन ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका 25 प्रतिशत का पेनल्टी टैरिफ हटाता है तो भारत की ओर से लगाया गया रेसिप्रोकल टैरिफ भी घट सकता है। अभी भारत पर कुल मिलाकर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लागू है 25 प्रतिशत सामान्य और 25 प्रतिशत पेनल्टी के रूप में। यदि पेनल्टी टैरिफ हटता है और भारत भी रेसिप्रोकल टैरिफ को कम करता है, तो यह दर घटकर 10-15 प्रतिशत तक आ सकती है।
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों से टैरिफ के अलावा व्यापक व्यापार समझौते (ट्रेड डील) पर भी गतिरोध बना हुआ था। लेकिन हाल के संवादों से संकेत मिल रहा है कि दोनों देश फिर से बातचीत की मेज पर लौट आए हैं। यदि सब कुछ सही रहा, तो जल्द ही कोई ठोस समझौता सामने आ सकता है।
टैरिफ में छूट का सबसे बड़ा फायदा भारत के निर्यातकों को मिलेगा। अमेरिका भारत के लिए एक बड़ा निर्यात बाजार है, लेकिन टैरिफ के चलते टेक्सटाइल्स, गारमेंट्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल्स, लेदर गुड्स और सीफूड जैसे सेक्टर्स को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। अब जबकि टैरिफ कम होने की संभावना बन रही है, तो इन क्षेत्रों में फिर से रफ्तार आने की उम्मीद की जा रही है।

