संस्कृत,संस्कृति व संस्कार यात्रा को लेकर गोपालगंज पहुंचे संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष 27 वर्षों में संस्कृत का सिलेबस नहीं हुआ रिवाइज

गोपालगंज, 21 सितम्बर (मुन्ना राज) बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा संस्कृत,संस्कृति व संस्कार यात्रा के तहत रविवार को गोपालगंज पहुंचे। संस्कृत विद्यालय के शिक्षकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान वे जिले के सभी संस्कृत विद्यालय के शिक्षकों से मिल कर जिले के विद्यालयों के हालत पठन पाठन की व्यवस्था व परिसर का जायजा लिया। छात्रों की उपस्थिति के बारे में अवलोकन कर कई दिशा निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने शहर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर सरकार की उपलब्धियों के साथ साथ यात्रा के मुख्य उद्देश्यों की जानकारी दी। इसके अलावा संस्कृत के उत्थान को लेकर विकास उपयोगी कार्यों की चर्चा की।


दरअसल पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पूरा एनडीए पूरी ताकत से आजकल काम कर रही है। और आज हमारे जिम्मे बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की जिम्मेदारी पीएम व सीएम के नेतृत्व में चलने वाली सरकार ने दिया है। तो निश्चित रूप से बिहार में बड़े पैमाने पर संस्कृत के क्षेत्र में काम हो रहे हैं। हमारे बिहार के अंदर लगभग 658 संस्कृत विद्यालय है। उन संस्कृत विद्यालय की बेहतर स्थिति के लिए एवं बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा हैं।

आज मेरा 31वां जिला है, जो पूरे बिहार में यात्रा कर के यहां पहुंचे है। अभी संस्कृत संस्कृति व संस्कार यात्रा चल रही है। उसके अंतर्गत जिले के विद्यालय की स्थिति कैसी है,यहां स्कूलों में किस प्रकार की परेशानियां है। कैंपस के अंदर छात्र-छात्रा कैसे बड़ी संख्या में वापस लौट,कैसे हमारे सिलेबस अपग्रेड हो कई चीजों पर काम करें। 27 वर्षों में संस्कृत का जो सिलेबस है वह रिवाइज नहीं हुआ था,वह रिवाइज हुआ है। हमने नैतिक मूल्यों की दृष्टिकोण से ज्ञानवर्धन किया है। श्री रामचरित मानस और श्रीमद भागवत को शामिल किया है। इसके अलावा बिहार के अंदर 47 मॉडल स्कूल को चयन किया गया है। ताकी बिहार का मॉडल संस्कृत विद्यालय पूरे देश को दिशा दे सके।
ऐसे 50 उच्च विद्यालय को हम अपग्रेड करके और 10 प्लस टू का दर्जा देने के लिए प्रस्ताव भेजे हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत के प्रति लोगों का दृष्टिकोण बदला है। बिहार संस्कृत की धरती है जहां तोता भी संस्कृत बोला करता था। संस्कृत भाषा सभी भाषाओं की जननी हैं। इसलिए यह संस्कृत के दृष्टिकोण से तब तक हमारा ज्ञानवर्धन नहीं होगा तब तक हम वेद उपनिषद व जो हमारे शास्त्र है,उनक अध्ययन नहीं कर पाएंगे।

More From Author

ब्रिटेन जल्द देगा फिलिस्तीन को आधिकारिक मान्यता: लेबर सरकार का ऐतिहासिक विदेश नीति फैसला

“हारिये न हिम्मत” मोटिवेशनल सेमिनार का हुआ आयोजन,युवाओं किशोर को मिली प्रेरणा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loader-image
Weather
Patna, IN
2:35 am, Aug 21, 2026
temperature icon 29°C
Overcast
Humidity: 76 %
Pressure: 1001 mb
Wind: 6 mph
Wind Gust: 13 mph
Clouds: 100%
Visibility: 10 km
Sunrise: 5:25 am
Sunset: 6:19 pm
  • Temperature
  • Precipitation
  • Rain Chance
  • Wind
  • Humidity
  • Pressure
3:00 am
temperature icon
28°/29°°C 0 mm 21% 5 mph 78% 1001 mb 0 cm
6:00 am
temperature icon
29°/32°°C 0 mm 14% 6 mph 69% 1003 mb 0 cm
9:00 am
temperature icon
33°/35°°C 0 mm 12% 8 mph 52% 1002 mb 0 cm
12:00 pm
temperature icon
35°/36°°C 0.08 mm 16% 7 mph 47% 999 mb 0 cm
3:00 pm
temperature icon
34°/35°°C 0.01 mm 12% 6 mph 51% 998 mb 0 cm
6:00 pm
temperature icon
33°/33°°C 0 mm 13% 6 mph 57% 1000 mb 0 cm
9:00 pm
temperature icon
32°/33°°C 0 mm 15% 7 mph 62% 1001 mb 0 cm
12:00 am
temperature icon
31°/32°°C 0 mm 16% 5 mph 66% 1000 mb 0 cm