नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत को किसान आंदोलन से जुड़े मानहानि मामले में अदालत ने माफी मांगने के बाद जमानत दे दी है। कंगना ने अदालत में कहा कि उन्हें अपने द्वारा की गई ‘गलतफहमी’ पर पछतावा है। यह मामला पंजाब की 78 वर्षीय किसान मोहिंदर कौर से जुड़ा है, जिन्होंने चार साल पहले अपने सम्मान की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई शुरू की थी। अब कई लोगों ने इस फैसले को मोहिंदर कौर की नैतिक जीत के रूप में देखा है।

यह विवाद 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान तब शुरू हुआ था, जब कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी। इस पोस्ट में मोहिंदर कौर की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए दावा किया गया था कि कुछ महिलाएं पैसे लेकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रही हैं। पोस्ट वायरल होने के बाद मोहिंदर कौर ने इसे अपनी गरिमा और मेहनत पर आघात बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मोहिंदर कौर पंजाब के बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जंडियान गांव की रहने वाली हैं और उनके पास 13 एकड़ जमीन है। पंजाब में जहां करीब 65% किसानों के पास 10 एकड़ से कम जमीन होती है, वहीं मोहिंदर अपेक्षाकृत संपन्न हैं, लेकिन उनका जीवन साधारण है। हर सुबह वह अपने बीमार पति लाभ सिंह (80) और बिस्तर पर पड़े बेटे गुरदास के लिए चूल्हे पर खाना बनाकर दिन की शुरुआत करती हैं।
करीब 18 महीने पहले उनकी बहू का संक्रमण से निधन हो गया था, जबकि बेटा पिछले तीन महीनों से पैर के गंभीर संक्रमण से जूझ रहा है। हाल ही में अस्पताल से घर लौटा है। अपनी तबीयत और पारिवारिक हालात के चलते मोहिंदर कौर खुद अदालत नहीं पहुंच पाईं, इसलिए उनके अस्थमा पीड़ित पति ने अदालत में उनकी ओर से पैरवी की।
कौर के वकील एडवोकेट रघुबीर सिंह बेह्नीवाल, जो खुद लंबे समय से बीजेपी से जुड़े हैं, ने बताया कि सोमवार, 27 अक्टूबर को कंगना रनौत को बठिंडा की अदालत ने जमानत दे दी। अदालत ने यह भी दर्ज किया कि कंगना ने माफी मांग ली है और उन्हें अपने बयान पर पछतावा है। मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी।
मोहिंदर कौर का यह संघर्ष सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि देश के लाखों किसानों के सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई का प्रतीक बन चुका है।

