पटना (अशोक “अश्क”) राजधानी पटना की बिजली आपूर्ति को अब पूरी तरह हाईटेक और स्मार्ट बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी ने पूरे शहर की विद्युत व्यवस्था को सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वीजिशन सिस्टम से जोड़ने की योजना बनाई है। इसके लिए डीपीआर बनाकर केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेज दी गई है।
इस हाईटेक प्रणाली के तहत पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग के सभी सबस्टेशनों को स्काडा सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे बिजली आपूर्ति मानव रहित और पूरी तरह स्वचालित हो जाएगी। अब हर सबस्टेशन एक-दूसरे से जुड़ा रहेगा और किसी भी क्षेत्र में फॉल्ट होने पर दूसरे फीडर से तत्काल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

सबस्टेशनों को अपग्रेड करने के लिए वहां रिंग मेन यूनिट, रिमोट टर्मिनल यूनिट और सेक्शन लाइजर लगाए जाएंगे। RMU फॉल्ट की स्थिति में वैकल्पिक फीडर से आपूर्ति शुरू करेगा, जबकि RTU से कंट्रोल रूम को लगातार लोड, वोल्टेज और फॉल्ट की जानकारी मिलती रहेगी। सेक्शन लाइजर से फॉल्ट सिर्फ उसी क्षेत्र में सीमित रहेगा, अन्य इलाकों की सप्लाई बाधित नहीं होगी।
स्काडा एक रिमोट कंट्रोल आधारित केंद्रीकृत प्रणाली है, जिससे पूरे शहर की बिजली व्यवस्था ऑनलाइन और रियल टाइम मॉनिटर की जा सकेगी। किसी लाइन में फॉल्ट होते ही अलर्ट जारी होगा और उसकी सटीक लोकेशन की जानकारी सिस्टम को मिल जाएगी। इससे फॉल्ट सुधारने में लगने वाला समय कम होगा और वोल्टेज नियंत्रण बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
बिजलीकर्मियों को भी फॉल्ट सुधार के लिए ऑनलाइन दिशानिर्देश दिए जा सकेंगे, जिससे काम की गति और गुणवत्ता में सुधार होगा।
बता दें कि पटना में बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। 2019 में जहां 620 मेगावाट बिजली की मांग थी, वहीं 2024 में यह बढ़कर 900 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। शहर में 7.45 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें छह लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। हर साल 24 से 30 हजार नए उपभोक्ता जुड़ रहे हैं।
गर्मी के मौसम में बढ़ती कटौती को रोकने और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्काडा प्रणाली लागू करने की योजना को प्राथमिकता दी जा रही है।

