नई दिल्ली, 08 नवम्बर ( अशोक “अश्क”) इमरान हाशमी और यामी गौतम स्टारर फिल्म ‘हक’ सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है। फिल्म की कहानी महिलाओं के अधिकार, न्याय और आत्मसम्मान की गहराई से बात करती है। सुपर्ण वर्मा निर्देशित यह फिल्म 1985 के ऐतिहासिक शाह बानो केस से प्रेरित है, जिसमें एक महिला ने अपने हक के लिए समाज और कानून से टक्कर ली थी। फिल्म की कहानी शाजिया बानो (यामी गौतम) की है, जो अपने वकील पति अब्बास खान (इमरान हाशमी) के खिलाफ बच्चों के मुआवजे के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाती है। जज के “काजी के पास जाइए” कहने पर उसका सवाल – “अगर मैंने किसी का खून किया होता, तब भी यही कहते?” यह फिल्म का सबसे सशक्त पल बन जाता है।

फिल्म में यामी गौतम ने शाजिया के दर्द, असहायता और संघर्ष को बेहद संवेदनशीलता से निभाया है। इमरान हाशमी ने अब्बास के किरदार में अपनी परिपक्वता दिखाई है। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री आपको भीतर तक छू जाती है। वर्तिका सिंह, शीबा चड्ढा और दानिश हुसैन का काम भी असरदार है।
फिल्म की सिनेमेटोग्राफी शानदार है, कई दृश्य प्रतीकात्मक रूप से गहरी बात कह जाते हैं, जैसे तीन कुकर वाला सीन, जो रिश्तों की नाजुकता दिखाता है। हालांकि कुछ सीन जरूरत से ज्यादा खिंचे हुए लगते हैं, जिससे गति थोड़ी धीमी हो जाती है। संगीत कहानी को सहारा देता है, लेकिन फिल्म संगीत में कुछ ऐसा हैं नहीं कि आपके जेहन में उतर जाए। अगर फिल्म के रेटिंग की बात करें तो फिल्म को 2.5 स्टार्स मिलने चाहिए
– अशोक “अश्क”

