
पटना, 23 दिसंबर (पटना डेस्क) भागलपुर के बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में सोमवार को किसान सम्मान दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमामयी वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि एवं सहवर्ती क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करना और किसान-केंद्रित विकास को बढ़ावा देना था।

इस अवसर पर कार्यक्रम को विकसित भारत – जी. राम जी विधेयक 2025 की अवधारणा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सतत एवं वैज्ञानिक कृषि और समावेशी विकास पर विशेष बल दिया गया। कुल 290 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 176 पुरुष, 97 महिला किसान और 18 पदाधिकारी शामिल थे।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों और विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही। चयनित किसानों को उनके नवाचार, उत्पादन, मूल्य संवर्धन और समुदाय-आधारित प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।

वक्ताओं ने किसान आय वृद्धि, महिला एवं युवा सशक्तिकरण, जलवायु-स्मार्ट कृषि और अनुसंधान–विस्तार–किसान समन्वय पर विस्तार से प्रकाश डाला।माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक नवाचार और समयबद्ध प्रसार सेवाओं से ही आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत का लक्ष्य साकार होगा। कार्यक्रम का समापन संवादात्मक सत्र और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विश्वविद्यालय ने किसानों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

