
पटना, 18 फरवरी (अविनाश कुमार) UGC कानून को लेकर बिहार की राजनीति में जबरदस्त घमासान छिड़ गया है। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र के बयान “जिसको साथ रहना है रहे, जिसको नहीं रहना है वो अपने घर जाए” ने सियासी तापमान अचानक बढ़ा दिया है।विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में भाई वीरेंद्र ने कहा कि UGC कानून हर हाल में लागू होगा। “कौन विरोध करता है, कौन समर्थन हमको फर्क नहीं पड़ता। हम 85-90 प्रतिशत हैं और कानून लेकर रहेंगे,” उन्होंने कहा।

साथ ही केंद्र सरकार से इसे लागू करने की मांग करते हुए दावा किया कि पूरा विपक्ष इसके समर्थन में है। एनडीए पर तंज कसते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पहले बिल को आगे बढ़ाया गया और बाद में अपने ही लोगों से कोर्ट में विरोध करवाया गया।इस बयान पर बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाई वीरेंद्र में इतनी ताकत नहीं कि वे सवर्ण समाज को खदेड़ दें। “सवर्ण समाज कमजोर नहीं है, वे अपनी औकात में रहें,” तिवारी ने तीखी टिप्पणी की।तिवारी ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के 15 साल के शासनकाल का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जब आधा सदन उनका हुआ करता था तब ऐसे सुधार क्यों नहीं किए गए।

“जब जनता ने सूपड़ा साफ कर दिया, तब आरक्षण और अधिकारों की याद आ रही है,” उन्होंने कहा।बीजेपी ने यह भी कहा कि मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और सदन में इस पर बयान देना न्यायालय की अवमानना के समान है। इस बयानबाजी ने बिहार की सियासत को नई बहस में झोंक दिया है।

