
गोपालगंज,संवाददाता। करीब साढ़े चार वर्ष पुराने महिला हत्याकांड में अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए मृतका के पति समेत तीन आरोपितों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।जिला व सत्र न्यायाधीश-नौ राकेश रंजन सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद पति,भैसुर और गोतनी को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने अर्थदंड की राशि में से आधी रकम मृतका के बच्चों को देने का आदेश दिया है।वहीं,अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोषियों को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी रमेश कुमार सिंह तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता मनिंद्र कुमार की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मीरगंज थाना क्षेत्र के कासिम समईल गांव निवासी मृतका के पति विजय साह, उसके भैसुर नंदजी साह और गोतनी बेबी देवी को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई।
-शेयर अलग लेकर रहने को लेकर हुआ था विवाद
अभियोजन के अनुसार, फुलवरिया थाना क्षेत्र के हरिहरा गांव निवासी भभूति गोंड की पुत्री संजू देवी की शादी मीरगंज थाना क्षेत्र के कासिम समईल गांव निवासी विजय साह के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही संजू देवी अपने पति के साथ परिवार से अलग हिस्सा लेकर रहना चाहती थी। इसी बात को लेकर ससुराल पक्ष के लोगों से उसका विवाद चल रहा था।
-आंगन में ही कर दी थी हत्या
मामले में आरोप था कि 25 फरवरी 2022 को इसी विवाद को लेकर ससुराल पक्ष के लोगों ने घर के आंगन में ही संजू देवी की दाब से काटकर हत्या कर दी। घटना के बाद मृतका के पिता भभूति गोंड ने मीरगंज थाने में उसके पति विजय साह समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई सत्र न्यायालय में चली। दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने पति विजय साह, भैसुर नंदजी साह और गोतनी बेबी देवी को हत्या का दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
















