
गोपालगंज,संवाददाता,02जुलाई। जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग तीन जुलाई से विशेष टीबी खोज अभियान शुरू करेगा। अभियान के तहत आरबीएसके टीम गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग करेगी। वहीं सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की ओर से टीबी जांच के साथ लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। इस संबंध में गुरुवार को बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी समीर सौरभ और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के बाद डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर जांच और इलाज शुरू कराना ही अभियान का मुख्य उद्देश्य है। इससे संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को गति मिलेगी। डीएम ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खांसी, लगातार बुखार, खांसी के साथ खून आना, वजन कम होना, भूख न लगना, अत्यधिक थकान, रात में ज्यादा पसीना आना या गर्दन एवं छाती में दर्द की शिकायत हो तो वह निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी की जांच अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और नियमित इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अभियान में सहयोग करने तथा अधिक से अधिक लोगों को टीबी जांच के लिए प्रेरित करने की अपील की। अभियान का संदेश है- “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” और “टीबी को हराना है, स्वस्थ भारत बनाना है।

