
सुरक्षा जांच के लिए बनाए गए बैरियर का विरोध;कारोबार प्रभावित होने से भड़के व्यापारी, मोरंग के प्रमुख जिला अधिकारी ने कार्रवाई के दिए संकेत
काठमांडू,विशेष संवाददाता 2 जुलाई। भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय जोगबनी-रानी सीमा पर शुक्रवार को उस समय अफरातफरी मच गई। जब नेपाल की ओर के स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए बैरियर के विरोध में जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सीमा पर लगा बैरियर गिरा दिया, जिससे करीब 45 मिनट तक सीमा पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा और दोनों ओर वाहनों व यात्रियों की लंबी कतार लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हंगामे के दौरान नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के जवान मौके पर मौजूद रहे, लेकिन प्रारंभिक चरण में मूकदर्शक बने रहे। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को हटाया और बैरियर दोबारा स्थापित कर सीमा पर आवागमन बहाल कराया।
-सुरक्षा जांच के लिए लगाया गया था बैरियर
सीमा पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा जांच को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए नेपाल प्रशासन ने अलग मार्ग बनाकर बैरिकेडिंग की थी। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य सीमा पार आने-जाने वाले लोगों की जांच को सुगम और सुरक्षित बनाना था।
हालांकि, स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि बैरिकेडिंग के कारण ग्राहकों की बाजार तक पहुंच बाधित हो गई, जिससे उनका कारोबार लगभग ठप पड़ गया। इसी नाराजगी के चलते बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करते हुए बैरियर गिरा दिया।
-अधिकारी बोले-सीमा अवरुद्ध करना गंभीर मामला
मोरंग के प्रमुख जिला अधिकारी युवराज कट्टेल ने घटना पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा को अवरुद्ध करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

