
पूर्णिया:-26 जुलाई(राजेश कुमार झा) नीट पेपर लीक मामले को लेकर पूरे बिहार में छात्रों ने उग्र आंदोलन करना शुरू कर दिया. अधिकतर जिलों में हिंसात्मक प्रदर्शन भी देखा गया.जिसे देखते हुए पूर्णिया जिला प्रशासन ने हर तरह की सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी.उसके बाबजूद भी जिला मुख्यालय में उग्र एवं हिंसात्मक आंदोलन को होने से जिला प्रशासन नहीं रोक पाए.बताते चलें कि बीते शुक्रवार की देर शाम को पूर्णिया जिला प्रशासन ने जिले के सभी छात्र संगठन से बातचीत कर शांतिपूर्ण तरीके से एवं छात्र हित में आंदोलन करने की सलाह दी.उसके बाद बीते शनिवार को जिले के तकरीबन सभी छात्र संगठनों ने शहर के रंगभूमि मैदान में सभी छात्रों को इकट्ठा होकर अपनी बात रखने के लिए एकजुट होने को कहा.धीरे-धीरे शनिवार को जिले के चारों ओर से छात्र रंगभूमि मैदान में इकठ्ठा होना शुरू हुआ और देखते ही देखते भारी संख्या में छात्र रंगभूमि मैदान में इकट्ठा हो गए.पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार एवं एस एस पी शौर्य सुमन को जानकारी मिलते ही दोनों छात्रों से मिलने रंगभूमि मैदान पहुंच गए.वहां दोनों अधिकारियों ने सभी छात्रों से काफी देर खुलकर बातचीत की और उन्हें समझाया.छात्रों को भी डीएम एवं एस एस पी की बात सुन काफी अच्छा लगा और दोनों अधिकारियों को अपनी मांग पत्र सौंपते हुए आश्वस्त करते हुए कहा कि हमलोग बिल्कुल शांतिपूर्ण एवं एकजुट होकर पैदल मार्च करेंगे.इसी बात की इजाज़त छात्रों ने डीएम एवं एस एस पी से लिए.छात्रों का आश्वासन सुन मन में संतोष लेकर दोनों अधिकारी जैसे ही जिला समाहरणालय पहुंचते है कि छात्रों ने अपना उग्र एवं हिंसात्मक प्रदर्शन करना शुरू कर दिया.जिसमें छात्रों ने सरकारी एवं गैर सरकारी संपत्तियों को नुकसान करते हुए,पुलिस एवं पत्रकारों पर हमलावर हो गए.छात्र इतने उग्र थे कि जैसे उन्होंने अच्छे एवं बुरे का होश खो दिया था.इसके जवाब में जब पुलिस ने मोर्चा खोला तो काफी देर बाद जाकर मामला शांत हुआ.जिसमें कई पुलिस को गंभीर छोटे आई.जिन्हें इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया.कई पत्रकारों को छात्रों ने धक्का-मुक्की कर दिया.अब सवाल ये है कि जब डीएम एवं एस एस पी ने स्वयं जाकर छात्रों से काफी देर बातचीत की और बातचीत के क्रम में छात्रों ने भी उनसे उग्र एवं हिंसात्मक आंदोलन नहीं करने का आश्वासन दिया तो ये फिर कैसे हुआ.आखिर किसके इशारे पर हुआ?वो चेहरे कौन थे जो भोलेभाले छात्रों को बहला कर और उनके बीच में घुसकर इतना उग्र एवं हिंसात्मक प्रदर्शन किया.फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर विचार कर रही है.उपद्रवियों पर एवं छात्रों को उकसाने वालों को चिह्नित कर उनपर कार्रवाई अवश्य होगी.

