
समस्तीपुर (अशोक “अश्क”) स्वतंत्रता दिवस के मौके पर समस्तीपुर जिले के बिथान प्रखंड स्थित राजकीयकृत उच्च विद्यालय सोहमा में एक निलंबित हेडमास्टर द्वारा ध्वजारोहण किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों ने इसे सरकारी नियमों का उल्लंघन बताते हुए डीएम, डीडीसी, डीईओ और एसडीओ को लिखित शिकायत सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना को लेकर बताया गया कि विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार बादल पहले से ही निलंबित चल रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने नियमों की अनदेखी करते हुए 15 अगस्त को विद्यालय परिसर में झंडा फहराया। ग्रामीणों का आरोप है कि न सिर्फ उन्होंने निलंबन की अवहेलना की, बल्कि राष्ट्रध्वज के सामने अमर्यादित भाषा का प्रयोग भी किया। बता दें कि दिलीप कुमार बादल को 11 अगस्त को विद्यालय परिसर स्थित पोखर के डाक को नियम विरुद्ध तरीके से करने के मामले में निलंबित किया गया था। यह कार्रवाई जिला शिक्षा पदाधिकारी की अनुशंसा पर डीडीसी द्वारा की गई थी। ग्रामीणों और अभिभावकों ने उनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिनमें पोखर के दुरुपयोग, वरिष्ठ अधिकारियों से बदसलूकी, जांच में सहयोग न करने और फर्जी दस्तावेज देने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक निलंबित व्यक्ति द्वारा सरकारी संस्थान में स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर ध्वजारोहण करना प्रशासनिक व्यवस्था की सीधी अवहेलना है। उन्होंने मांग की है कि दिलीप कुमार बादल पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षक या अधिकारी इस तरह की गलती न दोहराए। गौरतलब है कि दिलीप कुमार बादल पहले भी विवादों में रहे हैं। उन्हें पूर्व में विद्यापतिनगर प्रखंड के उच्च विद्यालय गढसिसई से अनुशासनहीनता, शिक्षकों से मारपीट और प्रशासनिक अराजकता के आरोपों के चलते स्थानांतरित किया गया था। लेकिन बिथान में भी उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं दिखा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है और कब तक दोषी पर कार्रवाई होती है।

