नई दिल्ली, 17 सितंबर (अशोक “अश्क”) वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में आज भारतीय जेवलिन स्टार नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अरशद नदीम एक बार फिर से मैदान में उतरेंगे। यह मुकाबला सिर्फ मेडल की होड़ नहीं, बल्कि दो चिर-प्रतिद्वंद्वी देशों के दो टॉप एथलीट्स के बीच प्रतिष्ठा की टक्कर है।

टोक्यो के जापान नेशनल स्टेडियम में हो रही चैंपियनशिप में दोनों को अलग-अलग ग्रुप में रखा गया है। नीरज ग्रुप-A में हैं, जबकि अरशद ग्रुप-B में। यानी दोनों एक ही समय पर थ्रो नहीं करेंगे।
नीरज चोपड़ा मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन हैं। उन्होंने 2023 की हंगरी चैंपियनशिप में 88.17 मीटर थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता था। इस साल फरवरी में उन्होंने पहली बार 90 मीटर का आंकड़ा पार करते हुए दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर थ्रो फेंका था।
अरशद नदीम ने पेरिस ओलिंपिक 2024 में 92.97 मीटर थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता था, वहीं नीरज को सिल्वर से संतोष करना पड़ा था। हालांकि, अरशद इस साल ज्यादा एक्टिव नहीं रहे हैं। उन्होंने दाएं पैर की सर्जरी के बाद मई में कोरिया में हुई एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और 86.40 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड जीता।
इस स्टेडियम में नीरज ने 2020 टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था, जब उन्होंने 87.58 मीटर का थ्रो फेंका था। उस समय अरशद 84.62 मीटर के साथ पांचवें स्थान पर रहे थे।
जुलियन वेबर (जर्मनी) ने जुलाई में नीरज को हराकर डायमंड लीग जीती थी।
एंडरसन पीटर्स (ग्रेनाडा) भी दो बार के वर्ल्ड चैंपियन हैं।
केशहॉर्न वाल्कॉट (त्रिनिदाद एंड टोबैगो) भी पूर्व ओलिंपिक चैंपियन।
युता साकियामा (जापान) का 87.16 मीटर की सीजन बेस्ट थ्रो के साथ चुनौती में।
कुल 37 एथलीट्स हिस्सा ले रहे हैं, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है।
ग्रुप-A में 19 और ग्रुप-B में 18 खिलाड़ी हैं।
हर एथलीट को 3 मौके मिलेंगे।
ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क 84.50 मीटर।
फाइनल के लिए कम से कम 12 एथलीट्स को चुना जाएगा। अगर 12 से ज्यादा खिलाड़ी 84.50 मीटर पार कर लेते हैं, तो सभी फाइनल में पहुंच जाएंगे।
फाइनल मुकाबला गुरुवार को खेला जाएगा, जहां दुनिया के सबसे बेहतरीन जेवलिन थ्रोअर आमने-सामने होंगे।
भारत-पाक के इन गोल्ड मेडलिस्ट थ्रोअर्स की भिड़ंत एक बार फिर खेल प्रेमियों की धड़कनें तेज करने वाली है।

