
बक्सर, 03 जनवरी (विक्रांत) बक्सर जिले की राजस्व व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना श्री सी. के. अनिल ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दिया कि बक्सर को राजस्व मामलों में “आदर्श जिला” बनाया जाए।

बैठक में जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, बंदोबस्त पदाधिकारी, भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, सभी अंचलाधिकारी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।समीक्षा के दौरान दाखिल–खारिज, म्यूटेशन, परिमार्जन, आधार सीडिंग, भू-लगान, आरओआर, लैंड बैंक, जन शिकायत, राजस्व महा अभियान, राजस्व न्यायालय एवं भू-अर्जन मामलों की गहन जांच की गई। प्रधान सचिव ने राजस्व कर्मियों की दैनिक डायरी संधारण, कार्यों की नियमित समीक्षा तथा सभी कर्मचारियों का आधिकारिक ई-मेल सार्वजनिक करने का निर्देश दिया।उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का भेदभाव या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समान मामलों में अलग निर्णय की स्थिति में लिखित कारण अनिवार्य होगा।आधार सीडिंग शत-प्रतिशत पूर्ण करने, दो दिन में राजस्व महा अभियान रिपोर्ट अपलोड करने और 15 जनवरी 2026 तक सभी अंचलों में लैंड बैंक तैयार करने का आदेश दिया गया। सरकारी भूमि के डिजिटलीकरण, अवैध जमाबंदी रद्द करने और अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिए गए।प्रधान सचिव ने कहा कि SC/ST भूमिहीन परिवारों को समयबद्ध ढंग से दखल दिलाना प्राथमिकता है। 1 जनवरी 2026 तक लंबित सभी आवेदनों का निष्पादन एक माह में तथा परिमार्जन मामलों का निपटारा 75 दिनों में करने का सख्त आदेश दिया गया। भू-अर्जन मामलों में शिविर लगाकर पात्र रैयतों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।

