नई दिल्ली, 13 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ताधारी एनडीए गठबंधन में सीटों के बंटवारे के बाद अब सभी की नजरें उम्मीदवारों के ऐलान पर टिकी हैं। इस बीच, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने गठबंधन के तहत मिली 101 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। पार्टी कभी भी अपनी पहली सूची का ऐलान कर सकती है।

सूत्रों की मानें तो इस बार बिहार में बीजेपी गुजरात मॉडल लागू नहीं करेगी। यानी औसतन 30% मौजूदा विधायकों के टिकट काटने की परंपरा यहां नहीं दोहराई जाएगी। हालांकि, पार्टी करीब 16 विधायकों के टिकट काट सकती है, लेकिन 75 वर्ष से ऊपर के कुछ नेताओं को इस बार मौका मिल सकता है। जिन विधायकों का टिकट कटेगा, उनकी जगह महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
भाजपा तीन सूत्रीय फार्मूले—जातीय समीकरण, जिताऊ चेहरा और युवा भागीदारी—के आधार पर प्रत्याशी उतारने जा रही है। पार्टी का मानना है कि 2020 में ही कई नए चेहरों को मौका दिया गया था और वर्तमान विधायकों के खिलाफ कोई खास एंटी इनकम्बेंसी नहीं है, इसलिए अधिक बदलाव की जरूरत नहीं है।
केंद्रीय चुनाव समिति की रविवार शाम दिल्ली में हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप दिया। बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि सोमवार शाम से प्रत्याशियों की घोषणा शुरू हो जाएगी।
इधर, दूसरे चरण की 122 सीटों के लिए सोमवार से नामांकन शुरू हो गया है। उम्मीदवार 20 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर तय की गई है। पहले चरण की 121 सीटों के लिए मतदान 6 नवंबर को होगा और मतगणना 14 नवंबर को।

