पटना, 18 नवम्बर (पटना डेस्क) बिहार चुनाव के नतीजों में राजद को भारी पराजय के बाद अब लालू यादव के परिवार में कलह खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर भावनात्मक पोस्ट करते हुए राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने की घोषणा कर दी। रोहिणी ने आरोप लगाया कि उन पर करोड़ों रुपये लेने और टिकट के बदले पिता को किडनी देने का असत्य आरोप लगाया गया।

इस सियासी विवाद के बीच लालू परिवार की संपत्ति पर भी चर्चा तेज हो गई है। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामों के अनुसार लालू–राबड़ी की संतानें करोड़ों की संपत्ति की मालिक हैं। छोटे बेटे तेजस्वी यादव, जो दो बार उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं, के पास कुल 9 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है, जिसमें 7.12 करोड़ चल एवं 1.88 करोड़ अचल संपत्ति शामिल है। वहीं, बड़े बेटे तेज प्रताप यादव, जिन्होंने 2025 में अपनी नई पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा, लगभग 2.88 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं।
राजद सांसद रह चुकीं मीसा भारती के पास 10.26 करोड़ की संपत्ति दर्ज है। रोहिणी आचार्य, जो हाल के दिनों में विवाद का केंद्र बनीं, अपने हलफनामे में 36.62 करोड़ रुपये की संपत्ति दिखा चुकी हैं जो तेजस्वी से चार गुना अधिक है।
लालू की सबसे छोटी बेटी राजलक्ष्मी के पति और सपा विधायक तेज प्रताप यादव के पास 12.67 करोड़ की संपत्ति दर्ज है। वहीं छठी बेटी अनुष्का यादव के पति चिरंजीव राव के पास 29.07 करोड़ की संपत्ति है। परिवार की सबसे अधिक संपत्ति रागिनी यादव के ससुराल पक्ष में है, जिनके पति राहुल यादव के पास 100 करोड़ से अधिक संपत्ति दर्ज है।
लालू–राबड़ी की संपत्ति में भी बड़ा अंतर सामने आया है। 2009 में लालू के पास करीब ढाई करोड़ की संपत्ति थी, जबकि राबड़ी देवी के पास 2024 में दिए हलफनामे के अनुसार 18 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। परिवार की दो बेटियाँ हेमा और चंदा सियासत से दूर हैं, इसलिए उनके संपत्ति विवरण उपलब्ध नहीं हैं।

