
नई दिल्ली/आरा बिफोर प्रिंटीम। भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में न्याय की लड़ाई अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गई है। मृतक के भाई चंदन तिवारी शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे,जहां आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच,दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि परिवार को देश की न्यायपालिका और संवैधानिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है तथा निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई अवश्य सामने आएगी। इसी क्रम में रविवार,12 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया है। यह धरना परशुराम दल के बैनर तले होगा,जिसका उद्देश्य केंद्र सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करना है। परशुराम दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगाधर शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन की पूर्व सूचना दिल्ली पुलिस और प्रशासन को लिखित रूप से दे दी गई है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण,लोकतांत्रिक तरीके से कानून के दायरे में आयोजित किया जाएगा तथा प्रशासन की सभी शर्तों का पालन किया जाएगा। धरना में चंदन तिवारी सहित बड़ी संख्या में शुभचिंतक और सामाजिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। चंदन ने कहा कि यह संघर्ष केवल उनके परिवार का नहीं,बल्कि कानून के राज और न्याय में विश्वास रखने वाले हर नागरिक का है। उनका कहना है कि परिवार किसी प्रकार के टकराव नहीं,बल्कि निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
-न्यायिक आयोग के समक्ष माता-पिता का बयान हुआ दर्ज
उधर, मामले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष शनिवार को भरत भूषण तिवारी के माता-पिता का बयान दर्ज किया गया। दोनों ने आयोग को घटना से जुड़े अपने पक्ष और कथित एनकाउंटर की पूरी जानकारी दी। मृतक की मां आशा देवी ने आयोग के समक्ष बेटे का मोबाइल वापस दिलाने तथा हत्या के आरोपित पुलिसकर्मियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई। वहीं पिता काशी नाथ तिवारी ने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन शाहपुर थाना पुलिस ने उन्हें सुबह से शाम तक थाने में बैठाए रखा और इसी दौरान उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई।परिजनों ने आयोग की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, हालांकि वास्तविक न्याय तभी माना जाएगा जब दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
-13 जुलाई को दर्ज होंगे प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
न्यायिक जांच आयोग की कार्रवाई लगातार जारी है। आयोग के समक्ष पहले भरत तिवारी की मां आशा देवी, भाई चंदन तिवारी, भाभी सुमन देवी तथा जवईनिया गांव की चार विस्थापित महिलाओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अब सोमवार, 13 जुलाई को प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएंगे,जिन्हें जांच का अहम चरण माना जा रहा है।
-क्या है पूरा मामला ?
गौरतलब है कि 17 जून को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस ने भरत भूषण तिवारी को मुठभेड़ में मार गिराया था। घटना के समय भरत तिवारी फेसबुक लाइव पर था। परिजनों का आरोप है कि लाइव वीडियो में भरत हथियार फेंक चुका था,लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी। इसी आधार पर परिवार इसे फर्जी एनकाउंटर बता रहा है। मृतक की मां आशा देवी के बयान पर जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश शर्मा,शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है,जिसकी जांच फिलहाल जारी है।

