
छपरा,संवाददाता 12 जुलाई। केरल के वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन में जान गंवाने वाले सारण जिले के तरैया प्रखंड के भटगाई गांव निवासी 30 वर्षीय मो. इमरान का शव रविवार की सुबह जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा,पूरा गांव शोक में डूब गया। पांच दिनों के लंबे इंतजार के बाद एम्बुलेंस से शव गांव पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार और महिलाओं के करुण क्रंदन से माहौल बेहद भावुक हो उठा। छह माह की मासूम बेटी को गोद में लेकर बिलखती पत्नी शबनम खातून बार-बार बेहोश हो रही थीं,जबकि वृद्ध माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। परिजनों ने बताया कि मो. इमरान करीब दो माह पहले अपने परिवार की बेहतर आजीविका के लिए केरल के वायनाड गए थे। वहां वह एक सड़क निर्माण कंपनी में पोकलेन मशीन चलाने का काम कर रहे थे। पिछले सप्ताह लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच निर्माण स्थल पर अचानक भीषण भूस्खलन हो गया,जिसमें करीब 15 मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के बाद सेना और स्थानीय प्रशासन ने युद्धस्तर पर संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया। लगभग 48 घंटे की अथक मशक्कत के बाद 9 जुलाई को सेना ने मलबे से इमरान का शव बरामद किया। पोस्टमार्टम व अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से पटना लाया गया। वहां से रविवार की सुबह एम्बुलेंस के जरिए शव उनके पैतृक गांव भटगाई आया। शव पहुंचने की सूचना मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हर किसी की जुबान पर बस एक ही बात थी। रोजी-रोटी कमाने गया युवक अब हमेशा के लिए खामोश होकर लौट आया। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। मुखिया ओम प्रकाश कुमार, सरपंच संघ के प्रदेश महासचिव सुनील कुमार तिवारी, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह ‘विक्कू’भाजपा नेता शेखर सिंह, बीडीसी प्रतिनिधि मो. सनाउल्लाह, जदयू नेता सुशील सिंह, जिला पार्षद हरिशंकर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परिजनों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की तथा हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। शाम को जनाजे की नमाज अदा किए जाने के बाद गांव के कब्रिस्तान में हजारों नम आंखों की मौजूदगी में मो. इमरान को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाएगा। इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पूरे भटगाई गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। गांव में हर ओर मातम पसरा है और लोगों की आंखों में उस युवक की यादें तैर रही हैं,जो अपने परिवार के सुनहरे भविष्य के सपने लेकर घर से निकला था, लेकिन ताबूत में लौटकर आया।

