नई दिल्ली, 14 सितम्बर ( अशोक अश्क”) भारत की स्टार बॉक्सर मीनाक्षी हुड्डा ने रविवार, 14 सितंबर को वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर एक नया इतिहास रच दिया। मीनाक्षी ने फाइनल मुकाबले में दिग्गज कजाख बॉक्सर और पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता नाजिम काइजेबे को 4-1 के विभाजित निर्णय से हराकर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। यह जीत सिर्फ मीनाक्षी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण बन गई है।

48 किग्रा भारवर्ग में खेले गए इस फाइनल मुकाबले में मीनाक्षी ने शुरुआत से ही जबरदस्त आत्मविश्वास दिखाया। नाजिम जैसी अनुभवी बॉक्सर के सामने मीनाक्षी ने शानदार तकनीकी और मानसिक मजबूती का प्रदर्शन किया। मुकाबला बेहद कड़ा था, लेकिन मीनाक्षी की आक्रामक रणनीति और सटीक पंचों ने अंत में उन्हें विजेता बना दिया।
सेमीफाइनल में मीनाक्षी ने मंगोलिया की अल्तांत्सेत्सेग लुत्सेखान को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं क्वार्टर फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड की पम्फ्रे ऐलिस को हराया था और उससे पहले प्री-क्वार्टर में चीन की वांग क्यूपिंग को शिकस्त दी थी। लगातार चार बड़े मुकाबलों में जीत दर्ज कर मीनाक्षी ने यह दिखा दिया कि वे विश्व स्तर पर एक बड़ी ताकत बन चुकी हैं।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद मीनाक्षी के कोच विजय हुड्डा ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि मीनाक्षी हरियाणा के जिले के रुड़की गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि मीनाक्षी की मेहनत, लगन और अनुशासन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। गांव में और उनके परिवार में जश्न का माहौल है।
मीनाक्षी का करियर भी शानदार रहा है। उन्होंने 2017 में जूनियर नेशनल में गोल्ड, 2019 में नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड, 2021 में सीनियर नेशनल में सिल्वर और 2024 में ब्रिक्स व एलोर्डा कप में गोल्ड मेडल जीता था। यह स्वर्ण पदक उनकी उपलब्धियों में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ता है।
इससे पहले शनिवार को भारतीय महिला बॉक्सर जैस्मिन लांबोरिया ने भी 57 किग्रा वर्ग में पोलैंड की स्जर्मेटा जूलिया को 4-1 से हराकर गोल्ड मेडल जीता था। जैस्मिन ने भी कड़े मुकाबले में अपनी ऊंचाई और रणनीति का शानदार उपयोग करते हुए देश को गौरवान्वित किया।
मीनाक्षी और जैस्मिन की यह उपलब्धि भारतीय महिला मुक्केबाज़ी के स्वर्णिम युग की ओर इशारा कर रही है।

