समस्तीपुर, 23 सितंबर (मोहम्मद जमशेद) समस्तीपुर समाहरणालय सभाकक्ष में मंगलवार को जिलास्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी/डीएलआरएसी/डीएमसी) की बैठक का आयोजन उप समाहर्ता (एडीएम) बृजेश कुमार की अध्यक्षता में किया गया। इस बैठक में वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग) पुष्पिता झा, डीडीएम नाबार्ड अभिनव कृष्णा, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विवेक कुमार शर्मा, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक प्रसिद्ध कुमार झा, आरसेटी निदेशक प्रकाश कुमार सिंह, डीपीएम जीविका विक्रांत शंकर सिंह सहित सभी बैंक जिला समन्वयक और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में जिले के 310 बैंक शाखाओं की समेकित प्रगति रिपोर्ट, सीडी रेशियो, एनुअल क्रेडिट प्लान (एसीपी), पीएमईजीपी, पीएमएफएमई, केसीसी, स्वनिधि योजना सहित अन्य वित्तीय योजनाओं की समीक्षा की गई। अध्यक्ष महोदय ने बैंकों को निर्देशित किया कि जो भी पात्र व्यक्ति बैंकिंग लाभ लेना चाहता है, उसे बिना भटकाए ऋण और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं।
जून 2025 में जिले का सीडी रेशियो 64.44% रहा, जो राज्य औसत 56.88% से अधिक है और बिहार में 14वें स्थान पर है। हालांकि कुछ बैंकों का प्रदर्शन 50% से नीचे रहा, जिसे सुधारने के निर्देश दिए गए। एसीपी की समीक्षा में बताया गया कि जून 2025 तक जिले की उपलब्धि 22.05% रही, जबकि पीएमईजीपी योजना में 67 के लक्ष्य के विरुद्ध 30 स्वीकृतियां (44.78%) हुईं।
पीएमएफएमई योजना में 130 ऋण स्वीकृतियों (28.44%) पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई और अक्टूबर तक लंबित आवेदनों का निपटारा सुनिश्चित करने को कहा गया। अन्य योजनाएं जैसे जन-धन, जीवन ज्योति, सुरक्षा बीमा, अटल पेंशन योजना, मत्स्य पालन, डेयरी, पोल्ट्री, शिक्षा और आवास योजना की भी समीक्षा की गई।
आरसेटी के तहत 1150 प्रशिक्षुओं में से अब तक 369 को प्रशिक्षण दिया गया है (33.33%)। उप समाहर्ता ने बैंक प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि 7 अक्टूबर को जिला और 8 अक्टूबर को अनुमंडल स्तर पर रजिस्टर IX व X का मिलान सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा अनुपस्थित बैंकों पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अधिक एनरोलमेंट की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

