बक्सर, 19 सितंबर (विक्रांत) डुमरांव स्थित कृषि कॉलेज के प्रांगण में आयोजित 15 दिवसीय प्रमाण पत्र प्रशिक्षण शिविर का समापन शुक्रवार को हुआ। यह शिविर समेकित पोषक तत्व प्रबंधन पर केंद्रित था, जिसमें राज्य के पांच जिलों भोजपुर, रोहतास, बक्सर, गया एवं कैमूर से कुल 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रतिभागियों को मृदा परीक्षण, जैविक एवं अकार्बनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग, पर्यावरण संरक्षण, फसल आधारित पोषण की आवश्यकताएं, कीटनाशकों का सुरक्षित उपयोग एवं पोषण प्रबंधन की वैज्ञानिक विधियों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित इफको के राज्य प्रबंधक ए.के. पारीवाल ने प्रशिक्षण को ग्रामीण क्षेत्र के कृषि विकास एवं स्वरोजगार के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय स्तर पर कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में सहायक सिद्ध होगा।
कृषि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पारस नाथ ने प्रतिभागियों से अपील की कि वे सिर्फ व्यवसाय तक सीमित न रहें, बल्कि अपने आस-पास के किसानों को भी वैज्ञानिक पोषण प्रबंधन की जानकारी दें। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की इस पहल का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना है।
समारोह के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन नोडल पदाधिकारी डॉ. सुमन लता ने किया। इस अवसर पर सह समन्वयक डॉ. प्रियंका रानी, डॉ. जीतेंद्र सिंह एवं डॉ. मणिभूषण कुमार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

