
गोपालगंज:-24 अप्रैल (टी.एन मिश्रा)जिले के भोरे थाने सिसई दक्षिण टोला निवासी शशिकांत अपने अटूट आस्था,श्रद्धा और संकल्प से एक नया मिशाल लिख रहे हैं। जहां वे नंगे पांव चलकर देश के सवा लाख हनुमान मंदिर में दर्शन किये है, वही मां के स्वपन में बुलावा के इस तपती धूप में 48 किलोमीटर की दूरी तय कर मां के दरबार में नंगे पांव पहुंच कर लोगों को भावुक कर दिया। सिसई गांव निवासी अखिलेश मिश्रा के पुत्र शशिकांत मिश्रा विगत 8 वर्षों से नंगे पांव ही रहते हैं। वही नही वे 125000 से ऊपर हनुमान जी के मंदिर में पहुंच कर दर्शन कर चुके हैं।जिसमें बनारस,गोपालगंज,आरा,छपरा, राजस्थान,जयपुर,दिल्ली, अहमदाबाद,देहरादून,गोरखपुर, खलीलाबाद,जोधपुर,लखनऊ और आगरा सहित कई शहरों के हनुमान मंदिर शामिल हैं।इसी क्रम में वे इस तपती धूप और लू के बीच घर सिसई से 48 किलोमीटर की दूरी नंगे पैर तय कर थावे दरबार पहुंचकर पूजा-अर्चना की। शशिकांत ने बताया कि 20 अप्रैल 2026 की रात सपने में मां थावेवाली के दर्शन हुए और उनका बुलावा आया। मां के इस दिव्य बुलावे के बाद वह बिना देर किए नंगे पांव वगैर रुके लगातार 9 घंटे तक पैदल चलकर वह मां थावेवाली के दरबार पहुंच गए और विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
उसने बताया कि वह पहले से ही आगामी 8 मई को माता-पिता, भैया-भाभी व दीदी-जीजाजी की शादी की सालगिरह के अवसर पर परिवार के साथ थावे मंदिर जाने की योजना बना रहे थे, लेकिन सपने में मां के बुलावे के बाद वे अकेले ही दर्शन किये।
शशिकांत की भक्ति सिर्फ मां थावेवाली तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि हनुमान जी उनके गुरु हैं और उनके प्रति उनकी अटूट श्रद्धा है। अपने जीवन में वह अब तक 1 लाख 25 हजार छोटे बड़े मंदिरों में बजरंगबली के दर्शन कर चुके हैं। इतना ही नहीं, शशिकांत ने 4 जून 2022 से 4 जून 2026 तक नंगे पैर रहने का संकल्प लिया है। इस दौरान वह चप्पल नहीं पहनेंगे। चार वर्षों का यह कठिन व्रत पूरा होने के बाद 5 जून 2026 को पहली बार चप्पल धारण करेंगे।
उन्होंने दो वर्षों में एक करोड़ बार “राम-राम” लिखने का भी संकल्प लिया है। उनकी इस अनोखी भक्ति, दृढ़ इच्छाशक्ति और आस्था की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। लोग उनकी श्रद्धा और संकल्प की सराहना कर रहे हैं। उनकी अटूट आस्था श्रद्धा विश्वास,भक्ति और समर्पण क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।

