नई दिल्ली, 25 सितम्बर (अशोक “अश्क”) बॉलीवुड की प्रतिभाशाली अभिनेत्री दिव्या दत्ता आज अपना 48वां जन्मदिन मना रही हैं। उन्होंने शाहरुख खान से लेकर अमिताभ बच्चन तक, लगभग हर बड़े कलाकार के साथ स्क्रीन शेयर की है और फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। लेकिन इतने सफल करियर के बावजूद दिव्या अब तक सिंगल हैं और उन्होंने कभी शादी नहीं की।
25 सितंबर 1977 को लुधियाना में जन्मी दिव्या दत्ता को फिल्म इंडस्ट्री में आने की प्रेरणा अपने मामा दीपक बाहरी से मिली थी, जो खुद एक निर्देशक हैं। दिव्या ने 1994 में फिल्म ‘इश्क में जीना इश्क में मरना’ से बॉलीवुड में कदम रखा था और अब इंडस्ट्री में उन्हें 31 साल हो चुके हैं। इन वर्षों में उन्होंने ‘वीर-जारा’, ‘भाग मिल्खा भाग’, ‘स्पेशल 26’, ‘बदलापुर’, ‘शर्माजी की बेटी’ जैसी फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया।

दिव्या दत्ता की निजी जिंदगी भी उनके करियर की तरह उतार-चढ़ाव से भरी रही है। सात साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। उनकी मां नलिनी दत्ता, जो पेशे से डॉक्टर थीं, ने अकेले ही दिव्या और उनके भाई राहुल की परवरिश की।
दिव्या ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने शादी इसलिए नहीं की क्योंकि वे किसी टॉक्सिक रिलेशनशिप में फंसना नहीं चाहती थीं। IANS को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “किसी जहरीले रिश्ते में रहने से बेहतर है अकेले रहना। अकेले रहिए और एक खूबसूरत जिंदगी जीजिए।”

उन्होंने आगे कहा था कि उन्हें हमेशा पुरुषों का ध्यान मिला, लेकिन शादी कभी उनकी प्राथमिकता नहीं रही। दिव्या ने कहा, “फिल्मों में सबकुछ खूबसूरत लगता है, लेकिन असल जिंदगी में आपको ऐसा साथी चाहिए जो आपके काम को समझे और आपकी आज़ादी का सम्मान करे।”
दिव्या का मानना है कि जिंदगी अपनी शर्तों पर जी जानी चाहिए, न कि किसी सामाजिक दबाव में आकर। यही वजह है कि उन्होंने आज तक शादी नहीं की और अपनी शर्तों पर एक आजाद और संतुलित जीवन जी रही हैं।
वर्कफ्रंट की बात करें तो दिव्या दत्ता हाल ही में ‘छावा’ और ‘शर्माजी की बेटी’ जैसी फिल्मों में नजर आई थीं। अपने अभिनय से उन्होंने साबित किया है कि वह सिनेमा की उन मजबूत अभिनेत्रियों में हैं, जो किरदारों को जीती हैं, निभाती नहीं।

