
बक्सर, 03 जनवरी (विक्रांत) बिहार में मधुमक्खी पालन को नई उड़ान देने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर को आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ, मुंबई से ₹56.64 लाख का अनुदान प्राप्त हुआ है। इस राशि से विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक शहद प्रसंस्करण एवं पैकिंग इकाई की स्थापना और उन्नयन किया जाएगा। इसके लिए आईसीआईसीआई फाउंडेशन और बीएयू सबौर के बीच विधिवत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

परियोजना के तहत विश्वविद्यालय की मौजूदा शहद प्रसंस्करण क्षमता को प्रतिदिन 2 क्विंटल से बढ़ाकर 6 क्विंटल किया जाएगा। इससे न केवल बड़े स्तर पर गुणवत्ता नियंत्रण और पैकिंग संभव होगी, बल्कि विपणन के नए द्वार भी खुलेंगे। यह पहल बिहार के साथ-साथ आसपास के राज्यों में मधुमक्खी पालन को संगठित उद्योग के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी।योजना में अवसंरचना के आधुनिकीकरण, उत्पाद विविधीकरण, ब्रांडिंग और मजबूत मार्केटिंग नेटवर्क के विकास पर विशेष जोर दिया गया है।

इससे स्थानीय मधुमक्खी पालकों का शहद राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेगा।यह परियोजना भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और कटिहार जैसे जिलों में प्रशिक्षण व विस्तार गतिविधियों को मजबूती देगी। आईसीआईसीआई फाउंडेशन के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में तैयार यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आय, रोजगार और उद्यमिता को नई दिशा देने की उम्मीद जगा रही है।

