पटना, 31अक्टूबर (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन प्रदेश में चुनावी सरगर्मी के बीच हिंसा ने माहौल गरमा दिया है। गुरुवार को मोकामा में जन सुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना से पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। दुलारचंद के परिजनों ने जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह पर हत्या का आरोप लगाया, वहीं अब अनंत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह ने आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह पर साजिश के तहत हमला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि टाल क्षेत्र में उनके काफिले पर योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया, ताकि मतदाता भ्रमित हों और वोटों का ध्रुवीकरण हो सके। अनंत सिंह ने बताया कि उनकी करीब 30 गाड़ियों का काफिला चुनाव प्रचार में था, तभी विरोधी गुट के लोगों ने “मुर्दाबाद” के नारे लगाए और उनकी गाड़ियों पर हमला कर दिया।
अनंत सिंह ने दावा किया कि विवाद की शुरुआत दुलारचंद यादव ने ही की थी, लेकिन उस समय वे काफी आगे निकल चुके थे। उन्होंने कहा कि उनके लगभग 10 वाहनों में तोड़फोड़ की गई। वहीं जन सुराज पार्टी का कहना है कि दुलारचंद को पहले गोली मारी गई और फिर गाड़ी से कुचलकर मार दिया गया।
घटना पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “चुनाव में हिंसा की कोई जगह नहीं है। आचार संहिता के दौरान बंदूक लेकर घूमना कानून का मज़ाक है। प्रधानमंत्री को देखना चाहिए कि आखिर अपराधियों को संरक्षण कौन दे रहा है।

