
पटना, 05 फरवरी (अविनाश कुमार) बिहार सरकार ने बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा है कि समाज के समग्र विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए लड़कियों और महिलाओं का शिक्षित, आत्मनिर्भर और सुरक्षित होना बेहद जरूरी है। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाओं को स्कूल, कॉलेज, कार्यस्थल और आवासीय परिसरों में पूरी तरह सुरक्षित माहौल मिले।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इसी दिशा में गृह विभाग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्यभर में संचालित सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का अब रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।

प्रत्येक थाना क्षेत्र में सभी हॉस्टलों का पूरा विवरण रखा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी महिला हेल्प डेस्क को दी गई है।नए नियमों के तहत हर हॉस्टल में 24 घंटे महिला वार्डन की तैनाती अनिवार्य होगी। वार्डन, सुरक्षा गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन जरूरी किया गया है। बिना सत्यापन किसी को भी नियुक्त नहीं किया जाएगा।हॉस्टल के मुख्य द्वार, गलियारों, भोजनालय और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी। पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई, मजबूत दरवाजे, ताले और खिड़कियों में लोहे की जाली अनिवार्य होगी।हर आगंतुक का नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण विजिटर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।

छात्राओं के कमरों में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। रात में उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम पर भी जोर दिया गया है।इमरजेंसी स्थिति के लिए हॉस्टलों में स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क, अभया ब्रिगेड और 112 नंबर की जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे। सम्राट चौधरी ने दो टूक कहा कि बच्चियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

