“सिनेमा में प्रेम और परिवार का संदेश लौटेगा ही”: सूरज बड़जात्या का ‘मनपसंद की शादी’ पर खास नजरिया

मुंबई (अशोक “अश्क”) वक्त के साथ जहां भारतीय सिनेमा एक्शन, खून-खराबे और थ्रिलर की ओर बढ़ चला है, वहीं निर्देशक सूरज बड़जात्या आज भी उस परंपरा को निभा रहे हैं जिसमें प्रेम, परिवार और रिश्तों की सादगी को सबसे ऊपर रखा जाता है। ‘हम आपके हैं कौन’, ‘विवाह’ और ‘एक विवाह ऐसा भी’ जैसी सुपरहिट पारिवारिक फिल्मों के जरिए भारतीय सिनेमा को प्रेम और संबंधों की नई भाषा देने वाले सूरज अब छोटे पर्दे पर शो सीमनपसंद की शादी’ लेकर आए हैं।


इस खास मौके पर सूरज बड़जात्या से हुई एक बातचीत में उन्होंने बताया कि क्यों उनकी कहानियों में शादी एक केंद्रीय तत्व होती है और कैसे यह भारत के सामाजिक ढांचे को दर्शाती है।
“शादी परिवार की नींव है”, सूरज कहते हैं। “हम परिवार की कहानियां बनाते हैं और भारत में परिवार की आत्मा विवाह जैसे संबंध में बसती है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, इसकी पवित्रता की अहमियत और ज्यादा समझ आती है। एक खुशहाल पति-पत्नी का रिश्ता अगली पीढ़ी की खुशहाली तय करता है।”
बड़जात्या मानते हैं कि यह सिर्फ संयोग नहीं है कि उनकी ज्यादातर फिल्मों और अब शो की थीम शादी पर आधारित है। उनका मानना है कि आज के समाज में भी शादी को लेकर युवा अपनी पसंद को प्राथमिकता देना चाहते हैं, लेकिन सामाजिक दबाव या पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण वे खुलकर अपनी बात नहीं कह पाते।
उन्होंने बताया कि ‘मनपसंद की शादी’ के लिए उनकी टीम ने एक साल तक रिसर्च की, जिसमें उन्होंने जाना कि छोटे शहरों के युवा कैसा रिश्ता चाहते हैं। “लोग कहते हैं कि शादी में कॉम्प्रोमाइज करना पड़ता है, लेकिन मेरा सवाल है क्यों? शादी को लेकर अगर बच्चों को अपना साथी चुनने की आजादी नहीं होगी, तो रिश्ता कैसे सफल होगा?”
इस शो के जरिए सूरज यही सवाल उठाते हैं कि क्या कुंडली और खानदान ही सब कुछ हैं, या फिर आत्मीयता, समझ और पसंद भी मायने रखती है?
सिनेमा के बदलते रूप पर उन्होंने कहा कि आज सिनेमा एक्शन और वायलेंस की ओर बढ़ रहा है, लेकिन पारिवारिक कहानियों की मांग अब भी बनी हुई है। “मुझे नहीं लगता कि हमें यह सोचकर कहानी लिखनी चाहिए कि जेन Z को पसंद आएगा या नहीं। हमें वही बनाना है जो हमारी आत्मा से निकलता है। चीजें लौटकर आती हैं। ‘सैयारा’ जैसी लव स्टोरी हिट हुई क्योंकि उसमें सच्चाई थी, मार्केटिंग नहीं।”
उन्होंने कहा कि अब जिम्मेदारी हमारी है कि हम आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराएं और रिश्तों की गहराई समझाएं। “आज कितनों को पता है कि राखी क्यों मनाई जाती है? अगर हमने नहीं बताया, तो कौन बताएगा?”
सूरज बड़जात्या की यह सोच न सिर्फ उनके सिनेमा में दिखती है, बल्कि उनके आने वाले शोज और प्रोजेक्ट्स में भी झलकती है। उनके मुताबिक, सिनेमा की जीत तब होती है जब वह दिल से बनाया जाए, न कि ट्रेंड या मार्केटिंग के दबाव में।

More From Author

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना ने बॉर्डर डिफेंस को बनाया और भी ताक़तवर, एआईओएस और कामिकेज ड्रोन से बढ़ी निगरानी क्षमता

करोड़ों की काली कमाई: भ्रष्ट इंजीनियर विनोद राय की कुंडली खंगाल रही EOU, पत्नी की भी हो सकती है गिरफ्तारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loader-image
Weather
Patna, IN
10:49 pm, Aug 6, 2026
temperature icon 30°C
Patchy rain nearby
Humidity: 74 %
Pressure: 1000 mb
Wind: 6 mph
Wind Gust: 9 mph
Clouds: 65%
Visibility: 10 km
Sunrise: 5:18 am
Sunset: 6:32 pm
  • Temperature
  • Precipitation
  • Rain Chance
  • Wind
  • Humidity
  • Pressure
12:00 am
temperature icon
29°/29°°C 0.1 mm 24% 6 mph 78% 999 mb 0 cm
3:00 am
temperature icon
28°/29°°C 0.09 mm 22% 7 mph 80% 999 mb 0 cm
6:00 am
temperature icon
29°/31°°C 0.02 mm 12% 11 mph 72% 1000 mb 0 cm
9:00 am
temperature icon
33°/34°°C 0.02 mm 13% 13 mph 57% 1000 mb 0 cm
12:00 pm
temperature icon
34°/34°°C 0.02 mm 14% 12 mph 55% 998 mb 0 cm
3:00 pm
temperature icon
33°/33°°C 0 mm 8% 11 mph 58% 997 mb 0 cm
6:00 pm
temperature icon
31°/32°°C 0 mm 7% 10 mph 65% 999 mb 0 cm
9:00 pm
temperature icon
30°/31°°C 0.01 mm 15% 12 mph 67% 1000 mb 0 cm