विजय सिन्हा,सम्राट चौधरी,नित्यानंद राय,श्रेयसी सिंह,निशांत कुमार और संजीव चौरसिया…जानिए इन चेहरों में कौन है कितना मजबूत…कौन है जनता की कसौटी पर सबसे मजबूत दावेदार

पटना:- 05 (राजेश कुमार झा)बिहार की राजनीति अब एक नया इतिहास लिखने को बेताब दिख रहा है.पूरा देश बिहार की राजनीति पर टकटकी लगाए बैठी है.

बिहार में 20 साल और 100 दिन का एक ऐसा बेदाग चेहरा,जो आज अचानक अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ देता है.बिहार का ऐसा सत्ता परिवर्तन शायद कभी किसी राज्य में नहीं हुआ होगा.आज बिहार की सत्ता में कौन बनेगा नया मुख्यमंत्री.इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है.बताते चलें कि बिहार का नया मुख्यमंत्री कौन होगा? क्या 2020 से तैयारी में लगे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय आएंगे बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने? या, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की ओर से बहुत पहले घोषित सम्राट चौधरी उप मुख्यमंत्री की कुर्सी से उठकर सीएम की कुर्सी पर बैठेंगे? नाम तो महिला चेहरे के रूप में श्रेयसी सिंह का भी चल रहा। दूसरी तरफ, दबाव के नाम पर दिल्ली जा रहे नीतीश कुमार की जगह उनके बेटे निशांत कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाने का भी चक्र चल रहा है। लेकिन, इन सभी के बीच भाजपा के नेताओं को यह भी लग रहा है कि कोई चौंकाने वाला नाम अचानक सीएम के रूप में न सामने आ जाए।*नित्यानंद राय की दावेदारी कब से और कितनी मजबूत*भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके नित्यानंद राय यादव समाज से आते हैं। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हैं। बिहार चुनाव 2020 के समय इनका नाम तेजी से और लंबे समय तक चला था। बिहार की जातीय जनगणना में सर्वाधिक संख्या हिंदुओं के अंदर यादव जाति की दिखी थी.बिहार की राजनीति में एनडीए के सामने खड़ी होने वाली सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल का कोर वोटर यादव ही है। लालू प्रसाद यादव को कमजोर करने के लिए रामकृपाल यादव को भाजपा ने इसलिए ही बुलाया था.ऐसे में नित्यानंद राय भाजपा के लिए सीएम के मजबूत दावेदार बताए जाते रहे हैं।*सम्राट चौधरी के पक्ष में क्या बात और कितनी मजबूत*दूसरे दलों से होकर भाजपा में आए सम्राट चौधरी बिहार प्रदेश अध्यक्ष रहे तो सामने नीतीश कुमार तब महागठबंधन के मुख्यमंत्री थे। सम्राट ने अपना मुरेठा उन्हें कुर्सी से हटाने तक बांधे रहने की बात कही थी। बाद में नीतीश वापस एनडीए में आए और सम्राट चौधरी उनके ही डिप्टी सीएम बन गए। उन्होंने मुरेठा त्याग दिया। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सम्राट चौधरी भाजपा की कमान संभाले दिखे,लेकिन चूंकि अब तक का रिकॉर्ड किसी डिप्टी के सीएम बनने का नहीं रहा है और भाजपा ने अब तक उन्हें ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है। सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं, जो जदयू के सामने भाजपा को मजबूत करने में काम आएगा- यह कहा गया था.भाजपा ने चुनावों में उसका असर देखा है.इसलिए, उनकी संभावना बनी हुई भी है और नहीं भी।*निशांत कुमार के लिए जोर-आजमाइश मगर*नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार को राजनीति में इस तरह नहीं लाना चाह रहे थे, लेकिन जिस तरह से उन्हें प्रेशर पॉलिटिक्स के तहत राज्यसभा भेजा गया है तो जदयू के अंदर के उबाल में यह नाम तेजी से उछला है। निशांत कुमार राजनीति में अभी नए-नए हैं। वह जदयू के लव-कुश समीकरण को देखते हुए आरसीपी सिंह की वापसी चाहते हैं। अगर आरसीपी आ गए तो निशांत के लिए यह रास्ता ज्यादा आसान होगा। आरसीपी बीच में भाजपा के साथ चले गए थे, लेकिन अब भी जदयू के अंदर सवर्ण-विरोधी समूह में उनका नाम सबसे ज्यादा लिया जा रहा है। निशांत को सीएम बनाने की जिद जदयू ठान सकता है, हालांकि भाजपा के प्लान में वह डिप्टी सीएम की जगह ले सकते हैं।*श्रेयसी सिंह का नाम क्यों आया सामने*बिहार में भाजपा ने एक बार रेणु देवी को उप मुख्यमंत्री बनाया। वह प्रयोग बहुत सफल नहीं रहा। लेकिन, बिहार में भाजपा खुद को नीतीश कुमार की तरह महिलाओं को आगे रखने वाली दिखाती रही है। चर्चा दो बार उठी है कि अगर महिला चेहरे को आगे बढ़ाना हो तो श्रेयसी सिंह का नाम दिख सकता है। श्रेयसी सिंह एक जमाने के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री रहे दिग्विजय सिंह की बेटी हैं। उनकी मां पुतुल कुमारी भी सांसद रही हैं। श्रेयसी राजपूत बिरादरी से हैं। खेल विभाग संभालते हुए वह लगातार सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री के मंचों पर वह दिखती रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद भी उनका उत्सावर्द्धन किया था। अगड़ी जाति से नितिन नवीन को भाजपा अध्यक्ष बनाए जाने के कारण श्रेयसी सिंह अब शायद इस कतार से गायब भी हो जाएं, लेकिन चर्चा में जरूर हैं।*संभव है कि भाजपा नया दांव भी खेल ले,क्योंकि*नितिन नवीन को जब भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया था, तब यह कहा गया कि उन्हें दिल्ली में रखकर कुछ समय तक तैयार किया जाएगा और फिर बिहार का सीएम बनाया जाएगा। अचानक मुख्यमंत्री बदलने की बात आने से पहले ही इस चर्चा पर विराम लग गया, क्योंकि नितिन को विधानसभा से इस्तीफा दिलाने की तैयारी के तहत राज्यसभा के लिए उनका नाम जारी कर दिया गया। अब भाजपा फिर कुछ नया दांव भी खेल ले तो अजूबा नहीं होगा। बिहार चुनाव हो चुका है। चुनाव अब लगभग पांच साल बाद होना है। ऐसे में प्रयोग के लिए किसी नए चेहरे को सीएम बनाने पर भी कोई अंतर नहीं पड़ना है। भाजपा ऐसा करती रही है, इसलिए खुलकर प्रदेश के नेता कुछ नहीं बोल रहे हैं। यही कारण है कि संजीव चौरसिया का भी नाम उछल रहा है।

More From Author

नवबर के विधानसभा चुनाव में नीतीश के चेहरे पर मिली प्रचंड जीत ने लिखी भी बिहार की नई इबारत

बिहार की सत्ता में खामोश साज़िश, लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loader-image
Weather
Patna, IN
7:15 pm, May 6, 2026
temperature icon 29°C
Mist
Humidity: 62 %
Pressure: 1005 mb
Wind: 8 mph
Wind Gust: 14 mph
Clouds: 25%
Visibility: 4.5 km
Sunrise: 5:10 am
Sunset: 6:23 pm
  • Temperature
  • Precipitation
  • Rain Chance
  • Wind
  • Humidity
  • Pressure
8:00 pm
temperature icon
32°/34°°C 0 mm 0% 6 mph 25% 1004 mb 0 cm
12:00 am
temperature icon
28°/29°°C 0 mm 0% 9 mph 51% 1004 mb 0 cm
3:00 am
temperature icon
26°/27°°C 0 mm 0% 10 mph 63% 1004 mb 0 cm
6:00 am
temperature icon
27°/32°°C 0 mm 0% 9 mph 53% 1007 mb 0 cm
9:00 am
temperature icon
34°/37°°C 0 mm 0% 7 mph 32% 1007 mb 0 cm
12:00 pm
temperature icon
38°/39°°C 0 mm 0% 5 mph 20% 1004 mb 0 cm
3:00 pm
temperature icon
38°/39°°C 0 mm 0% 8 mph 17% 1002 mb 0 cm
6:00 pm
temperature icon
34°/37°°C 0 mm 22% 11 mph 26% 1003 mb 0 cm