
गोपालगंज टी.एन.मिश्रा । संगठित अपराध और अवैध संपत्तियों के खिलाफ चलाएं जा रहे अभियान के तहत गोपालगंज पुलिस ने अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित पशु तस्करी नेटवर्क के कथित सरगना असमान खान उर्फ हसमद्दीन खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए आर्थिक अपराध इकाई को प्रस्ताव भेजा है। एसपी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि कटेया थाना कांड संख्या 43/2026 में दर्ज मामले की जांच के दौरान सिवान जिले के लोआन निवासी असमान खान की गतिविधियों की गहन पड़ताल की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी लंबे समय से संगठित पशु तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था और इस अवैध कारोबार के माध्यम से भारी आर्थिक लाभ अर्जित कर चुका है। एसपी ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी का संगठित अपराध से जुड़ा गंभीर आपराधिक इतिहास भी सामने आया। उसके खिलाफ सिवान जिले के बड़हरिया थाना में हत्या,लूट,विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम तथा अन्य गंभीर धाराओं के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2013 से 2017 के बीच उसके विरुद्ध दर्ज आठ मामलों का उल्लेख जांच रिपोर्ट में किया गया है। पुलिस का मानना है कि आरोपी द्वारा अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों की भी जांच आवश्यक है। इसी आधार पर आर्थिक अपराध इकाई को कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया है। यदि प्रस्ताव पर आगे कार्रवाई होती है तो आरोपी की संदिग्ध संपत्तियों की जांच और कुर्की की प्रक्रिया भी होंगी। पुलिस अधिकारियों ने इसे संगठित अपराध और आर्थिक अपराध के विरुद्ध चल रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
-3.40 करोड़ की अवैध संपत्ति अर्जित करने के मामले में हो रही कार्रवाई
कुख्यात खान के खिलाफ गोपालगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वर्ष 2016 से 2025 के बीच आरोपी ने अपराध से अर्जित धन के माध्यम से भारी मात्रा में संपत्ति बनाई है। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार उसकी अर्जित संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 3.40 करोड़ रुपये है। पुलिस के अनुसार आरोपी और उसके परिवार के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। जांच में फॉर्च्यूनर, स्कॉर्पियो, जेसीबी,ट्रैक्टर समेत अन्य वाहन तथा एक भव्य आवासीय भवन का भी पता चला है। उपलब्ध बैंक अभिलेखों, संपत्ति विवरण, वाहन संबंधी दस्तावेजों और आपराधिक इतिहास के आधार पर प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि ये परिसंपत्तियां अपराध से अर्जित आय से हैं।
-दो दर्जन से ऊपर मामलों में वांछित है,असमान
उसके विरुद्ध पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें बड़हरिया थाना कांड संख्या 335/20,160/2022, 181/23 तथा सलेमपुर देवरिया थाना कांड संख्या 378/2025 (बीएनएसएस की विभिन्न धाराएं, गोवध निवारण अधिनियम एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के दो दर्जन से ऊपर मामलें दर्ज हैं।
इन तथ्यों के आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई के लिए विस्तृत प्रतिवेदन और प्रस्ताव आर्थिक अपराध इकाई बिहार, पटना को भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जिले के अन्य ऐसे अपराधियों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जिनके खिलाफ अनुसूचित अपराधों के मामले दर्ज हैं या जिनकी अवैध संपत्तियों के प्रमाण मिले हैं। ऐसे मामलों में PMLA-2002 तथा BNSS की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती एवं अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने और अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

