
पटना 17 मार्च (अविनाश राय) बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के बीच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग (NBPDCL) के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया।सूत्रों के अनुसार, जांच में प्रारंभिक तौर पर सामने आया है कि अभियंता ने अपनी वैध आय से करीब 62.66 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है।

लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद EOU ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज कर कोर्ट से सर्च वारंट हासिल किया और ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी।सुबह-सुबह जब टीम उनके आवास पर पहुंची, तो हर कोई हैरान रह गया। दरभंगा, मधुबनी और सुपौल में फैले इनके ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। दरभंगा स्थित निजी आवास, मधुबनी के जयनगर स्थित कार्यालय और घर, तथा सुपौल के निर्मली और करजाईन में भी छापेमारी की गई।रेड के दौरान कई अहम दस्तावेज, बैंक पासबुक, निवेश से जुड़े कागजात और संपत्ति के प्रमाण मिले हैं।

इनका मिलान अभियंता की आय से किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच देर शाम तक जारी रहेगी और बड़े खुलासे हो सकते हैं।बताया जा रहा है कि अभियंता ने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा रिश्तेदारों के नाम पर भी निवेश कर रखा है, जिसकी जांच की जा रही है।बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है। जल्द ही जब्त नकदी और अन्य संपत्तियों का आधिकारिक ब्योरा जारी किया जा सकता है।

