
लगभग दो दशक बाद बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव: मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर Nitish Kumar ने खत्म किया अपना लंबा कार्यकाल सम्राट के सिर पर सज सकता है ताज
पटना,संवाददाता। बिहार की राजनीति में मंगलवार को एक ऐतिहासिक मोड़ आया, जब राज्य के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है।
करीब 20 वर्षों तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के इस फैसले के साथ ही राज्य में एक युग का अंत हो गया। उनके नेतृत्व में बिहार ने कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखे और विकास, सुशासन तथा गठबंधन राजनीति के कई नए आयाम स्थापित हुए। वे वर्ष 2005 के बाद लगातार अलग अलग दलों से गठबंधन कर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कायम रहें। 14 नवंबर 2005 से लगातार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन रहें। आज कैबिनेट की अंतिम बैठक के बाद वे अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिए। जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है।
-राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव,नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू
मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अब सत्ता की बागडोर संभालने को लेकर हलचल तेज हो गई है और विभिन्न दलों के बीच बैठकों का दौर जारी है।
इस बीच यह भी संकेत मिल रहे हैं कि राज्य में पहली बार Bharatiya Janata Party के नेतृत्व में मुख्यमंत्री बनने की संभावना प्रबल हो गई है। यदि ऐसा होता है, तो यह बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय होगा। वही भाजपा ने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर लगभग मुहर लगा दिया है। वही जदयू से दो उप मुख्यमंत्री बनाने पर चर्चा की गई है। अब देखते हैं वह कौन सा चेहरा सामने आता है।
-नीतीश युग का अंत: गठबंधन राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। उन्होंने अलग-अलग समय पर विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन कर सरकार चलाई और कई बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
उनके कार्यकाल में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में कई बदलाव देखने को मिले। हालांकि, समय-समय पर उनके राजनीतिक फैसलों और गठबंधन बदलने को लेकर विपक्ष ने तीखी आलोचना भी की।
-आगे की राह पर नजरें, कौन बनेगा अगला मुख्यमंत्री?
अब पूरे राज्य की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और नई सरकार किस रूप में सामने आएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।
राजभवन और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है, और जल्द ही नई सरकार के गठन को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।

