
सेन्ट्रल डेस्क। बिहार के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्य में 29 नई रेल लाइनों के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इन परियोजनाओं के एलाइनमेंट तथा प्रारंभिक इंजीनियरिंग- सह-यातायात सर्वेक्षण की स्वीकृति मिलने के साथ ही विकास कार्यों को अब नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
इन प्रस्तावित रेल परियोजनाओं में मधुबनी-जनकपुर रोड सहार होकर,सतगावां होकर नवादा- गिरिडीह,कुशेश्वरस्थान-सहरसा, भगवानपुर से महुआ ताजपुर होकर -समस्तीपुर, पावापुरी-नवादा,महेश खूंट से नारायण पुर,इस्लामपुर-बोधगया और बिहारशरीफ-जहानाबाद नरकटियागंज-अरेराज,थावे-मोतिहारी -छोड़ादानों मधुबनी- कमतौल, बांका से जमुई होकर नवादा जैसी कई महत्वपूर्ण रेल लाइनें शामिल हैं। इन रेल मार्गों के निर्माण से राज्य के दूरदराज और पिछड़े इलाकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे लोगों की आवाजाही अधिक सुगम और तेज होगी। नई रेल लाइनों के शुरू होने से न केवल यात्री सुविधाओं में वृद्धि होगी, बल्कि व्यापार, कृषि, पर्यटन और उद्योग को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। खासकर धार्मिक और पर्यटन स्थलों को रेल नेटवर्क से जोड़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है। साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान और उसके बाद रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल बिहार के समग्र विकास, क्षेत्रीय संतुलन और आर्थिक प्रगति की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। राज्य में बेहतर रेल कनेक्टिविटी से निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और विकास की गति को नई ऊर्जा मिलेगी।

