
भोजपुर के शाहपुर में फर्जी एनकाउंटर ने सरकार का चेहरा उजागर हो गया.पूर्णिया जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता गौतम वर्मा,जवाहर किशोर उर्फ रिंकू यादव अखिलेश कुमार,अफरोज आलम आदि ने कहा कि एक ओर सरकार बिहार में बढ़ते अपराध को रोकने में नाकाम साबित हो रही है वहीं दूसरी ओर फर्जी एनकाउंटर कराकर अपना दामन छुपा रही है. जिस प्रकार से भारत भूषण तिवारी ने पुलिस के सामने आत्म समर्पण कर दिया और उसके बाद उसकी हत्या करना न केवल बदले की भावना बल्कि घृणित मानसिकता को प्रदर्शित करता है.जिससे न केवल लोकतंत्र शर्मसार हुआ बल्कि प्रशासन और सरकार से लोगों का विश्वास उठ गया.कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी व्यक्ति को सजा देने का अधिकार केवल न्यायालय को है.पुलिस की इस अमानवीय व्यवहार से पूरे राज्य में आज आक्रोश का माहौल व्याप्त है. राज्य सरकार अपराध व अपराधियों के सामने बौना बना हुआ है.वहीं दूसरी और फर्जी एनकाउंटर कर अपना चेहरा चमकना चाहती है. मुख्यमंत्री स्वयं गृह मंत्री भी हैं और उनसे बिहार संभल नहीं रहा है.इसलिए उनका पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं बनता है.इसलिए पार्टी उनसे स्थिति की मांग करती है.बिहार की दयनीय स्थिति को देखते हुए अभिलंब राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए.नेताओं ने कहा कि आज मानवाधिकार आयोग कहां छिपा हुआ है,क्यों नहीं अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है,अगर वह सरकार की कठपुतली बना हुआ है तो इसे भंग कर देना चाहिए. नेताओं ने महामहिम एम राष्ट्रपति महोदय से मांग करते हैं कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ रूपया मुआवजा एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और दोषी पुलिस कर्मी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी स्पीड ट्रायल कर कर सजा का प्रावधान तुरंत करने की मांग की है,और परिवार को सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जानी चाहिए की मांग की है.कांग्रेस पार्टी उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करती है.

