
राजेश कुमार शर्मा,अररिया,27 जुलाई। भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तानगंज-3 में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद बिहार के अररिया जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। घटना में 27 वर्षीय बोलबम श्रद्धालु ओमप्रकाश मेहता की गोली लगने से मौत हो गई थी। जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद सीमा पार किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
सोमवार को डीएम बिनोद दूहन एसपी जितेंद्र कुमार व डीएसपी राजकिशोर कुमार के साथ फुलकाहा और घूरना थाना क्षेत्र से सटी भारत-नेपाल सीमा का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने फुलकाहा थाना क्षेत्र के मानिकपुर और कोशिकापुर सहित घूरना थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने स्थानीय ग्रामीणों से नेपाल की मौजूदा स्थिति, सीमा पर हो रही गतिविधियों और संभावित चुनौतियों की जानकारी ली। साथ ही सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और बिहार पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। सीमावर्ती गांवों में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी बिनोद दूहन ने लोगों से शांति,भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल नजदीकी थाना या एसएसबी को दें। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन को स्थानीय लोगों के सहयोग की आवश्यकता है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि सीमा पर एसएसबी और बिहार पुलिस की संयुक्त गश्त बढ़ा दी गई है। आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोगों से संयम बरतने, अफवाहों से दूर रहने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि सीमा क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बनी रहे।

