
पूर्णिया:-04 अगस्त(राजेश कुमार झा)शहर में पिछले 15 दिनों में हुए दो सनसनीखेज मामले की गुत्थी को पुलिस ने जिस तरह दूध का दूध और पानी का पानी किया.उसे सुनकर पब्लिक ने कहा ये हुई बहुत अच्छी पुलिसिंग.पूर्णिया के इतिहास में एसएसपी डॉ0 शौर्य सुमन अच्छी पुलिसिंग के लिए हमेशा याद किये जायेंगे.बताते चलें कि 23 जुलाई की रात तकरीबन साढ़े आठ बजे कुछ अज्ञात अपराधियों ने शुभम और उसे साथी को जान से मारने की कोशिश की.जिसमें शुभम और उसके साथी को तीन गोलियां लगी.जिसे घायल अवस्था में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.इलाज के बाद अस्पताल ने शुभम और उसके साथी को डिस्चार्ज कर दिया.लेकिन शुभम और उसके साथी को गोली लगने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस के समक्ष जिस तरह से झूठी कहानी गढ़ी और पुलिस के ऊपर दबाव बनाकर निर्दोष को फसाने की बहुत तरह से कोशिश की,लेकिन पूर्णिया एसएसपी डॉ0 शौर्य सुमन के आगे उनका दांव उल्टा पड़ गया.बताते चलें कि शुभम को गोली लगते ही जिस तरह शुभम का पूरा परिवार शुभम को एक अच्छा,पारिवारिक और सामाजिक व्यक्ति बनाने का ऐसा दावा ठोकने लगा कि पुलिस ने उनके दावे की ऐसी पोल-पट्टी खोल दी कि उसके परिजनों की बोलती ही बंद हो गई.जैसे ही पुलिस ने सूरज बिहारी हत्याकांड का तार शुभम से जुड़ने की बात सामने आई की परिजनों की बोलती बंद हो गई.दूसरी तरफ फास्ट फूड विक्रेता चंदन की हत्या के बाद उसके परिजनों ने जिस तरह पुलिस को बरगलाया और मंजय ऋषि,संजय ऋषि सहित और लोगों का नाम पर एफआईआर दर्ज करवा कर अपनी दुश्मनी निकालने की कोशिश की तो पुलिस ने चंदन के परिजनों की भी बोलती बंद कर पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया.आज मंजय ऋषि के परिजन तो कह रहे है कि सर जैसे ही चंदन मर्डर केस में हमलोगों का नाम आया तो हमलोग बहुत ही घबरा गए.लेकिन ईश्वर के घर देर है अन्धेर नहीं.मै और मेरा पूरा परिवार आपके चैनल के माध्यम से वरीय पुलिस अधीक्षक को प्रणाम करते है.

