
धर्मेंद्र रस्तोगी,छपरा,07 अगस्त। बिहार के शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सारण के तत्कालीन डीपीओ अजीत अमर हरिजन के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में हो रही इस कार्रवाई से शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। ईओयूकी अलग-अलग टीमें सारण,सिवान व सहरसा में एक साथ कार्रवाई कर रही हैं। जिन स्थानों पर छापेमारी चल रही है,उनमें छपरा के गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास, सिवान जिले के रानीबारी गांव स्थित पैतृक घर,सहरसा स्थित शिक्षा विभाग का कार्यालय तथा शहर में स्थित निजी आवास शामिल हैं। अधिकारियों द्वारा बैंक खातों,जमीन के दस्तावेजों, निवेश और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।
-जांच रिपोर्ट में करोड़ों के लेन-देन का खुलासा
करीब एक महीने पहले गठित विशेष जांच समिति ने डीपीओ अजीत अमर हरिजन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और कथित घूसखोरी के मामले की विस्तृत रिपोर्ट सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव को सौंपी थी। जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप सामने आए थे।
-27 लाख की सैलरी,2.51 करोड़ का ट्रांजैक्शन
आधिकारिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक,सारण में 32 महीने के कार्यकाल के दौरान अजीत अमर को वेतन के रूप में कुल 27,43,040 रुपये मिले। लेकिन इसी अवधि में उनके और उनकी पत्नी के विभिन्न बैंक खातों में 2,51,06,562 रुपये का लेन-देन दर्ज हुआ। यानी वेतन से करीब 9 गुना अधिक राशि का वित्तीय प्रवाह जांच एजेंसियों के रडार पर है। ईओयू फिलहाल बैंक खातों, अचल संपत्तियों, निवेश, जमीन के कागजात और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम का स्रोत क्या था और क्या यह आय के ज्ञात स्रोतों से मेल खाता है।

