
राजेश कुमार शर्मा,अररिया। नेपाल व भारत के बीच सुरक्षा एवं सीमा प्रबंधन को लेकर उत्तराखंड के देहरादून में होने वाले 14 वीं संयुक्त कार्यसमूह की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को शुरू हो गई। बैठक में दोनों देशों के गृह एवं विदेश मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बैठक में सीमा पार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों,अवैध आवागमन और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ दोनों देशों के बीच सुरक्षा समन्वय को और भी मजबूत करने की रणनीति पर मंथन हुआ। बैठक में सीमा पार अपराध,तीसरे देशों के नागरिकों की अवैध घुसपैठ एवं आवागमन, मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों के अवैध कारोबार और नकली भारतीय मुद्रा के नेटवर्क जैसे गंभीर मुद्दे प्रमुखता से उठी। भारत लंबे समय से नेपाल के रास्ते नकली भारतीय मुद्रा के कारोबार को लेकर चिंता जताता रहा है। ऐसे में दोनों देश इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संयुक्त कार्रवाई और सूचना साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने पर विचार कर रहे हैं।
-धार्मिक झड़पों के बाद सीमा सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
हाल के दिनों में नेपाल में सामने आई धार्मिक झड़पों के बीच सीमा सुरक्षा का मुद्दा भी बैठक में अहम रहने की संभावना है। विभिन्न रिपोर्टों में भारत से कुछ लोगों के नेपाल पहुंचकर ऐसी घटनाओं में शामिल होने के दावे सामने आए हैं। ऐसे घटनाक्रम को देखते हुए सीमा पर संदिग्ध आवाजाही,अवैध प्रवेश,सीमा अतिक्रमण और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हो सकती है। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान को प्रभावी बनाने तथा जरूरत के अनुसार नेपाली सुरक्षा निकायों को भारत की ओर से सहयोग उपलब्ध कराने पर भी विचार होगा।
-एपीएफ और एसएसबी के बीच सहयोग की होगी समीक्षा
बैठक में नेपाल के सशस्त्र प्रहरी बल और भारत के सशस्त्र सीमा बल के बीच सहयोग तथा पूर्व में हुए समझौतों के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही सीमा से जुड़े जिलों के अधिकारियों के बीच समन्वय, नेपाल के प्रमुख सीडीओ और भारत जिलाधिकारियों बीच हुए समझौतों तथा उनकी प्रगति पर भी चर्चा होगी।
-13वीं बैठक के फैसलों की भी होगी समीक्षा
देहरादून की बैठक में पोखरा में आयोजित 13 वीं संयुक्त कार्यसमूह बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा भी की जाएगी। पिछली बैठक में सीमा पार अपराधों पर नियंत्रण,एकीकृत जांच चौकियों (ICP) के निर्माण, सड़क एवं रेल संपर्क सहित सीमा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया था। इसके अलावा दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने,आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने तथा सीमा क्षेत्रों में बेहतर समन्वय विकसित करने के उपायों पर भी चर्चा हुई थी।
-कानूनी सहयोग व सीमा जिला समितियां भी एजेंडे में
बैठक में पारस्परिक कानूनी सहायता संधि (Mutual Legal Assistance Treaty) को अंतिम रूप देने की दिशा में हुई प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। सीमा जिलों के बीच बेहतर समन्वय के लिए गठित सीमा जिला समन्वय समितियों के कामकाज का आकलन भी एजेंडे का हिस्सा होगा। दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर नियमित बैठकें आयोजित करने पर सहमति जताई है। ऐसे में 14वीं बैठक को भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में पुराने फैसलों की प्रगति का आकलन करने के साथ बदलती सुरक्षा चुनौतियों, तस्करी और सीमा पार अपराधों पर रोक के लिए नई संयुक्त रणनीति तैयार होंगी।
















