
दंगा एवं उपद्रव से निपटने के दृष्टिगत जिले में गठित होगी ‘जिला एंटी रायट फोर्स’ (DARF):-
प्रशिक्षित एवं सुसज्जित विशेष दस्ता 20 मिनट के भीतर घटनास्थल के लिए होगा रवाना:-
पूर्णिया:-22 अगस्त(राजेश कुमार झा)राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा दंगा, उपद्रव, उग्र प्रदर्शन एवं साम्प्रदायिक तनाव जैसी आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्य के सभी जिलों में जिला स्तरीय ‘एंटी रायट फोर्स’ (District Anti Riot Force–DARF) के गठन का निर्णय लिया गया है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार पूर्णिया जिला को श्रेणी ‘B’ में रखा गया है। जिले में एक कंपनी DARF का गठन किया जाएगा, जिसके लिए 6 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। यह विशेष दस्ता आवश्यकता के अनुसार त्वरित रूप से घटनास्थल पर पहुंचकर वरीय अधिकारियों के निर्देशन एवं समन्वय में कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डीएसपी स्तर के अधिकारी होंगे दस्ता के प्रभारी:-
जिला स्तर पर गठित DARF के प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) होंगे। वे दस्ता की तैनाती, अनुशासन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, प्रशिक्षण तथा कार्रवाई से संबंधित अभिलेखों के संधारण के लिए उत्तरदायी होंगे।
विशेष रूप से प्रशिक्षित एवं सुसज्जित होगा दस्ता:-
DARF में प्रशिक्षित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ महिला पुलिसकर्मी, लाठी दस्ता, अश्रु गैस दस्ता, सशस्त्र बल, चिकित्सा/एंबुलेंस सहायता दल, वीडियोग्राफी कर्मी, संचार कर्मी, रिजर्व बल एवं वायरलेस ऑपरेटर शामिल होंगे।
इससे किसी भी आकस्मिक कानून-व्यवस्था की स्थिति में दस्ता समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम होगा।
कंपनी एवं प्लाटून स्तर पर होगी बल की संरचना:-
एक कंपनी में 3 प्लाटून होंगे। प्रत्येक प्लाटून में 47 पुलिसकर्मियों की तैनाती की व्यवस्था होगी, जिसमें अश्रु गैस, लाठी एवं सशस्त्र बल सहित आवश्यक कर्मी शामिल होंगे।
प्रत्येक कंपनी को एक बस एवं एक ट्रक सहित कुल 6 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
विशेष प्रशिक्षण एवं नियमित रिफ्रेशर कोर्स:—–
DARF के लिए चयनित प्रशिक्षकों, जिनमें सार्जेंट मेजर/अवर निरीक्षक स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे, को Rapid Action Force Academy for Public Order (RAPO), मेरठ में ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ (ToT) कराया जाएगा।
प्रशिक्षित ट्रेनर्स द्वारा संबंधित जिलों के पुलिस केंद्रों में DARF के कर्मियों को एक माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त बल की दक्षता एवं तत्परता बनाए रखने के लिए प्रत्येक तीन माह पर एक सप्ताह का रिफ्रेशर प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा।
राज्य में 49 कंपनियों एवं 294 वाहनों का आवंटन:-
पुलिस मुख्यालय पटना द्वारा राज्य के जिलों को A, B एवं C श्रेणियों में विभाजित कर DARF के गठन हेतु बल एवं वाहनों का आवंटन किया गया है।
राज्य स्तर पर कुल 49 कंपनियों एवं 294 वाहनों का प्रावधान किया गया है।
पूर्णिया के अतिरिक्त श्रेणी ‘B’ में मधेपुरा,नालंदा,औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, वैशाली, सीतामढ़ी, सीवान, गोपालगंज, सहरसा, सुपौल, कटिहार, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर, जमुई एवं खगड़िया जिले शामिल हैं। इन जिलों को एक-एक कंपनी एवं 6-6 वाहनों का आवंटन किया गया है।
20 मिनट के भीतर त्वरित कार्रवाई का प्रावधान:-
किसी भी दंगा, उपद्रव अथवा गंभीर कानून-व्यवस्था संबंधी घटना की सूचना प्राप्त होते ही जिला नियंत्रण कक्ष द्वारा तत्काल संदेश प्रसारित किया जाएगा। सूचना प्राप्त होने के 20 मिनट के भीतर DARF को निर्धारित घटनास्थल के लिए रवाना करने की व्यवस्था की गई है।
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद दस्ता वहां मौजूद वरीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने, आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करेगा।
जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा इस विशेष दस्ता के गठन को जिले में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, कानून-व्यवस्था प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
















