
सेंट्रल डेस्क। नेपाल व भारत ने सीमा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर सहमति जताई है। देहरादून में शुक्रवार को संपन्न नेपाल-भारत सीमा प्रबंधन से संबंधित संयुक्त कार्यदल की 14वीं बैठक में दोनों देशों ने सीमा पार अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण,संवेदनशील स्थानों पर आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और आपसी समन्वय बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में दोनों देशों के नागरिकों के सीमा पार आवागमन को सहज बनाए रखने के साथ-साथ तीसरे देशों के नागरिकों की आवाजाही और निगरानी को अधिक सख्त करने का निर्णय लिया गया। सीमा क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी सहित आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षा निगरानी बढ़ाने पर भी दोनों पक्ष सहमत हुए।
-सीमा पार अपराधों पर तत्काल सूचना साझा करने पर सहमति
बैठक में वर्ष 2025 में नेपाल के पोखरा में हुई जेडब्ल्यूजी की 13वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने सीमा पार अपराधों पर नियंत्रण के लिए संबंधित सुरक्षा एवं प्रशासनिक एजेंसियों के बीच तत्काल और प्रभावी सूचना आदान-प्रदान की व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से नशीली दवाओं एवं प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी, वन्यजीव तस्करी, मानव तस्करी, जाली नोटों के कारोबार और हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
-साइबर ठगी और डिजिटल अपराध भी एजेंडे में
नेपाल की ओर से बैठक में साइबर अपराध और सीमा पार होने वाली डिजिटल ठगी जैसी तेजी से उभरती सुरक्षा चुनौतियों का मुद्दा भी उठाया गया। दोनों पक्षों ने बदलते अपराध के स्वरूप को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और सूचना साझा करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अलावा आपदा प्रबंधन,जिला स्तर पर समन्वय बैठकों को प्रभावी बनाने, दशगजा क्षेत्र के अतिक्रमण एवं अनधिकृत उपयोग पर नियंत्रण तथा एकीकृत जांच चौकियों (आईसीपी) के पूर्ण और प्रभावी संचालन पर भी विचार-विमर्श किया गया। पारस्परिक कानूनी सहायता से जुड़े मुद्दे भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे।
-लिपुलेख को लेकर नेपाल ने रखी चिंता
बैठक के दौरान लिपुलेख दर्रे के रास्ते भारत-चीन व्यापार को लेकर नेपाल की चिंता और उसके दृष्टिकोण पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा से संबंधित विषय बैठक में उठे, लेकिन इन मुद्दों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, इन विषयों पर निर्णय लेने का अधिकार संयुक्त कार्यदल के दायरे में नहीं है। इसलिए चर्चा के बावजूद बैठक में इस संबंध में कोई फैसला नहीं किया गया।
दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया नेतृत्व
-बैठक में नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के सह-सचिव आनंद काफ्ले ने किया,जबकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय की सह-सचिव पौसुमी बासु ने किया। दो दिवसीय बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक के फैसलों से स्पष्ट है कि दोनों देश एक ओर जहां आम नागरिकों के लिए सीमा पार आवागमन को सुगम बनाए रखना चाहते हैं, वहीं तीसरे देशों के नागरिकों की निगरानी और सीमा पार आपराधिक गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
















