नई दिल्ली, 14 सितंबर (अशोक “अश्क”) भारत की स्टार बॉक्सर जैस्मिन लेंबोरिया ने वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है। यह इस साल की चैंपियनशिप में भारत का पहला स्वर्ण पदक है। जैस्मिन ने फाइनल में पोलैंड की अनुभवी बॉक्सर जूलिया सेरेमेटा को कड़े मुकाबले में 4-1 के स्प्लिट निर्णय से हराया।

गौरतलब है कि जूलिया सेरेमेटा हाल ही में हुए पेरिस ओलंपिक 2024 में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं, ऐसे में जैस्मिन की यह जीत और भी खास मानी जा रही है। फाइनल मुकाबले की शुरुआत में जैस्मिन थोड़ा पिछड़ती नजर आईं, लेकिन दूसरे राउंड से उन्होंने आक्रामक रुख अपनाया और जोरदार वापसी की। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और पोलिश बॉक्सर को मात दे दी।
मैच के बाद जैस्मिन ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पेरिस ओलंपिक में उनका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था और वह जल्द ही प्रतियोगिता से बाहर हो गई थीं। लेकिन उसी अनुभव से सबक लेते हुए उन्होंने खुद को मानसिक और तकनीकी रूप से मजबूत किया, जिसका नतीजा अब गोल्ड मेडल के रूप में सामने आया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जैस्मिन ने सेमीफाइनल में वेनेजुएला की ओमैलिन अल्काला को 5-0 से एकतरफा मुकाबले में हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। उनका आत्मविश्वास और रणनीति दोनों ही मुकाबले दर मुकाबले निखरते चले गए।
इस बीच, भारत की एक और बॉक्सर नूपुर शेरॉन ने 80+ किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में उन्हें पोलैंड की अगाता काज्मार्स्का से हार का सामना करना पड़ा। नूपुर का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में सराहनीय रहा, लेकिन फाइनल में वे अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे सकीं।
वहीं, पूजा रानी ने 80 किलोग्राम कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। सेमीफाइनल में उनका सामना इंग्लैंड की एमिली एस्क्विथ से हुआ, जिसमें पूजा को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल दिखाया और देश को एक और पदक दिलाया।
भारत के लिए यह चैंपियनशिप ऐतिहासिक रही, जिसमें जैस्मिन के गोल्ड के अलावा दो और पदकों ने देश के प्रदर्शन को मजबूत किया। जैस्मिन की जीत भारतीय बॉक्सिंग में एक नई प्रेरणा के रूप में देखी जा रही है।

