नई दिल्ली, 06 नवम्बर (अशोक “अश्क”) सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट मामले में केंद्र सरकार की स्थगन और बड़ी बेंच के पास मामले भेजने की मांग पर फिर कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी की तरफ से पेश स्थगन अनुरोध पर सवाल उठाए और कहा कि लगता है सरकार मौजूदा पीठ से बचना चाह रही है।

सीजेआई गवई ने टिप्पणी की, “हम दो बार पहले ही आपकी बात मान चुके हैं। अगर आप 24 नवंबर के बाद चाहते हैं, तो हमें बता दें। यह कोर्ट के साथ अन्याय है।” उन्होंने कहा कि कोर्ट के सम्मान और नियमों के तहत कई बार मध्यस्थता की सुविधा की मांग करना उचित नहीं।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने वृहद पीठ के पास मामलों को भेजने की अर्जी पर भी कड़ा रुख अपनाया। सीजेआई गवई और जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि अंतिम सुनवाई के आखिरी चरण में सरकार से ऐसा रवैया उम्मीद नहीं थी। मुख्य याचिकाकर्ता मद्रास बार एसोसिएशन सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की दलीलें पहले ही सुन ली जा चुकी हैं।
पीठ ने कहा कि पिछली सुनवाई में सरकार ने कोई आपत्ति नहीं उठाई थी और अब अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद इस तरह की मांग करना न्यायिक प्रक्रिया के प्रति अनुचित है। CJI गवई 23 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे सरकार की वर्तमान पीठ से बचने की कोशिशों पर सवाल उठ रहे हैं।

