नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) भारत और रूस के बीच दशकों पुराने रक्षा सहयोग को एक नई दिशा मिलती दिख रही है। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि रूस भारत के AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) प्रोजेक्ट में मदद के लिए तैयार है और भारत में ही Su-57 जैसे पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट का उत्पादन किया जाएगा।

राजदूत अलीपोव ने कहा कि रूस भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में तकनीकी साझेदारी करेगा। Su-57 के भारतीय संस्करण में स्टील्थ कोटिंग, सुपरक्रूज इंजन और एडवांस्ड एवियोनिक्स सिस्टम शामिल होंगे, जो AMCA के विकास के लिए अहम साबित होंगे।
Su-57 रूस का अत्याधुनिक फिफ्थ जनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसे ‘फेलॉन’ के नाम से जाना जाता है। यह मल्टीरोल लड़ाकू विमान है जो हमले, रक्षा और निगरानी जैसे कई मिशनों में सक्षम है।
वहीं, AMCA भारत का स्वदेशी स्टील्थ विमान है, जिसे HAL और DRDO के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत को फिफ्थ जनरेशन फाइटर टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाना है।
Su-57 के निर्माण में HAL, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और L&T जैसी कंपनियों की भागीदारी होगी। इससे न सिर्फ हजारों नौकरियों का सृजन होगा, बल्कि भारत की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी भी बढ़ेगी।
- AMCA के लिए ब्रिज टेक्नोलॉजी: Su-57 के जरिए भारत को वह तकनीक मिलेगी जो AMCA के निर्माण को गति देगी।
- क्षेत्रीय सुरक्षा: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की हवाई ताकत बढ़ेगी, जिससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों को संतुलित किया जा सकेगा।
- आत्मनिर्भर भारत: भारत अब आयात पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में इन विमानों को एक्सपोर्ट भी कर सकेगा।
- रूस को राहत: पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच भारत के साथ डील रूस की अर्थव्यवस्था के लिए सहायक साबित होगी।
डेनिस अलीपोव का बयान भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह डील भारत को न केवल फिफ्थ जनरेशन टेक्नोलॉजी में आगे ले जाएगी, बल्कि भविष्य में छठी पीढ़ी के विमानों की दिशा में भी मार्ग प्रशस्त करेगी।
Su-57 का भारत में निर्माण, AMCA को उड़ान देगा और भारत को आत्मनिर्भरता की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ाएगा।

