
नई दिल्ली, 24 जनवरी (अशोक “अश्क”) यूजीसी के इक्विटी रूल को लेकर देशभर में जबरदस्त बवाल मचा हुआ है। जनरल कैटेगरी के छात्र-छात्राएं इस नियम को भेदभावपूर्ण बताते हुए लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता और जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से बनाए गए यूजीसी के नए नियम को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की गई है।

याचिका में “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी नियम, 2026” के एक प्रावधान को असंवैधानिक करार देने की मांग की गई है। यह नियम 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित किया गया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि नियम का सेक्शन 3(सी) मनमाना और भेदभावपूर्ण है, जिससे कुछ वर्गों को उच्च शिक्षा से बाहर किया जा सकता है।याचिका में कहा गया है कि यह प्रावधान संविधान में निहित समानता के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है। साथ ही यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 के भी खिलाफ बताया गया है, जो सभी छात्रों को समान अवसर उपलब्ध कराने की बात करता है।

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह इस नियम की संवैधानिक वैधता की जांच करे और छात्रों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। इधर सोशल मीडिया पर #UGCRollback जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। यूजीसी नियमों को लेकर बहस तेज है। छात्र संगठनों ने नियम वापसी की मांग दोहराई। जोरदार।

