
छपरा,संवाददाता 01 जुलाई । सारण जिले के अमनौर थाना क्षेत्र के अमनौर कल्याण पंचायत अंतर्गत नरसिंहभानपुर गांव में बुधवार की देर शाम एक हृदयविदारक हादसे में दो मासूम सहेलियों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। दोनों आठवीं कक्षा की छात्राएं थीं और उनकी दोस्ती पूरे गांव में मिसाल मानी जाती थी। साथ पढ़ना, साथ स्कूल जाना और हर जगह एक-दूसरे का साथ निभाने वाली इन दोनों सहेलियों ने अनजाने में जिंदगी की आखिरी यात्रा भी साथ ही तय कर ली। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक छात्राओं की पहचान दशरथ प्रसाद की पुत्री आंचल कुमारी तथा दिनेश प्रसाद की पुत्री खुशबू कुमारी के रूप में हुई है। दोनों नरसिंहभानपुर मध्य विद्यालय की आठवीं कक्षा की छात्राएं थीं। घटना के संबंध में बताया गया कि गांव के एक पड़ोसी के शादी समारोह में शामिल होने के लिए दोनों के माता- पिता मशरक गए हुए थे। इसी कारण आंचल स्कूल नहीं गई और उसकी अनुपस्थिति में खुशबू ने भी विद्यालय जाना छोड़ दिया। दोनों की इतनी गहरी मित्रता थी कि यदि एक स्कूल नहीं जाती थी तो दूसरी भी नहीं जाती थी। परिजनों ने बताया कि घर से निकलने से पहले आंचल ने अपनी दादी से दस रुपए मांगे और कहा कि वह दुकान से कुछ खरीदकर खाएगी। इसके बाद वह घर से निकल गई। उसी समय उसकी बड़ी बहन हंसा गांव के शिव मंदिर के सामने स्थित तालाब में स्नान कर रही थी। आंचल और खुशबू भी वहां पहुंच गईं और दोनों नहाने लगीं। कुछ देर बाद हंसा तालाब से बाहर निकल आई, लेकिन दोनों सहेलियां गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। हंसा ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। विद्यालय में मिली जानकारी के अनुसार उसने पहले रस्सी फेंककर बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन रस्सी छोटी पड़ गई। इसके बाद वह दौड़ते हुए गांव की ओर गई और शोर मचाकर लोगों को बुलाया। बताया जाता है कि उस समय तालाब में कुल छह लड़कियां स्नान कर रही थीं। शोर सुनकर सबसे पहले वार्ड सदस्य रवि कुमार मौके पर पहुंचे और बिना देर किए तालाब में छलांग लगा दी। उनके पीछे कई ग्रामीण भी बचाव कार्य में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। घटना की सूचना मिलते ही शादी समारोह में गए दोनों परिवारों पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर पहुंचते ही माता- पिता अपनी बेटियों के शव से लिपटकर बिलख पड़े।
-आंचल तीन बहनों और दो भाइयों में मंझली थी,
जबकि खुशबू दो बहनों और तीन भाइयों में शामिल थी। दोनों के पिता राजमिस्त्री का काम कर किसी तरह घर परिवार का भरण- पोषण करते हैं। बेटियों की असमय मौत से दोनों परिवारों की दुनिया जैसे उजड़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस तालाब में हादसा हुआ, उसकी सफाई करीब दो माह पहले शिव मंदिर में आयोजित यज्ञ के दौरान कराई गई थी। बरसात से पहले उसमें पंपसेट के माध्यम से पानी भी भरा गया था, जिससे तालाब पूरी तरह लबालब था। घटना के समय मंदिर परिसर के आसपास कोई वयस्क मौजूद नहीं था। सूचना मिलने पर अमनौर थाने के थानाध्यक्ष हेमंत कुमार, बीडीओ राजीव कुमार सिन्हा, सीओ अजय कुमार,आरओ सुनीता कुमारी सहित कई अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया है।

