
पूर्णिया:-25 सितम्बर (राजेश कुमार झा) आत्मनिर्भर बिजली को लेकर केंद्र सरकार की सबसे बहुआयामी पीएम सूर्य घर योजना आज पूर्णिया जिले में लक्ष्य से कोसों दूर है.जिससे इस योजना पर कई सवाल खड़े हो रहे है.सबसे बड़ा और पहला सवाल.आखिर इतने प्रचार-प्रसार और सब्सिडी के बाबजूद पूर्णिया जिला लक्ष्य से कोसों दूर क्यों है. बिफोरप्रिंट डिजिटल मीडिया जब इस योजना की गहराई में जाकर आमजनों से पूछताछ करती है तो कई बेहद चौंकाने वाली बात सामने आती है.बताते चलें कि केंद्र सरकार की बहुआयामी योजनाओं में से एक पीएम सूर्य घर योजना आज पूर्णिया जिले में हाशिए पर है.इसकी सबसे बड़ी वजह है,एजेंसियों का कामकाज.गौरतलब है कि जिले में जितनी भी पीएम सूर्य घर योजनाओं को लेकर काम कर रही है.उनमें से अधिकतर एजेंसियां हाथ पे हाथ धरे बैठे ग्राहक का इंतजार कर रहे है.कई एजेंसियों ने बताया कि सरकार प्रचार-प्रसार में इतना खर्च कर रही है.उसके बाबजूद भी ग्राहक इच्छुक नहीं हो रहे है.महीने में इक्का-दुक्का ग्राहक ही इसके बारे में जानकारी लेते है.एजेंसी कहती है कि हमलोग घर-घर जाकर ग्राहक को समझाते है. लेकिन फिर भी वो लेने के लिए तैयार नहीं होते है.जबकि ग्राहक को 98 हजार तक का सब्सिडी के बारे में भी पूरी जानकारी देते है.लेकिन जिले में कई एजेंसिया ऐसी भी है.जो कहती है कि ऐसी कोई बात नहीं है.हमलोग ग्राहकों को पूरी बात नहीं समझाते है.अगर ग्राहक को सोलर लाइट लगाने के फायदे और नहीं लगाने से उनके नुकसान के बारे में अच्छी तरह समझाया जाय तो ऐसा बहुत ही कम ग्राहक होंगे जो ना कहेंगे.कुछ एजेंसियां बता रही है कि मेरे पास अच्छे ग्राहक की लिस्ट है और हमलोगों को अच्छा रिजल्ट भी मिल रहा है.जब आप ग्राहक को वर्तमान में इस्तेमाल हो रही बिजली की खपत और सोलर लगाने के बाद की खपत को समझाने में कामयाब हो गए तो ग्राहक अवश्य लगाने के लिए तैयार हो जाएंगे.इसके लिए आपको ग्राहक को पूरी बात पूरी ईमानदारी से समझानी होगी.दूसरी तरफ अधिकतर ग्राहकों का कहना हुआ फोन से सोलर लगाने के लिए समझाते है.जिससे हमलोग आधी बात समझते है और आधी बात भूल जाते है.जो कभी-कभी ध्यान से भी उतर जाता है.घर आकर पूरी विस्तार से कोई भी समझाने कोई नहीं आता है. फोन से ही पूरी बात करते है और फिर भूल जाते है.इसमें अधिकतर लोग कनविंस नहीं हो पाते है.
















