एलन मस्क ने H-1B वीज़ा पर छेड़ी “कल्पना से परे” जंग, कहा, “अमेरिका की ताकत है विदेशी प्रतिभा”

नई दिल्ली, 21 सितम्बर (अशोक “अश्क”) टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शुमार एलन मस्क ने H-1B वीज़ा को लेकर एक बार फिर जोरदार बयान दिया है। मस्क का कहना है कि यह वीज़ा अमेरिका की टेक इंडस्ट्री के लिए “जीवन रेखा” की तरह है, और यदि जरूरत पड़ी तो वे इस मुद्दे पर ऐसी लड़ाई लड़ेंगे जिसकी “लोग कल्पना भी नहीं कर सकते।”


पिछले साल दिसंबर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मस्क ने अपनी पोस्ट में H-1B वीज़ा के महत्व को रेखांकित करते हुए लिखा, “मैं अमेरिका में इसलिए हूं, और मेरे जैसे कई अहम लोग भी हैं जिन्होंने SpaceX, Tesla और सैकड़ों कंपनियां बनाकर अमेरिका को मजबूत किया यह सब H-1B वीजा की वजह से संभव हुआ है।”
मस्क का यह बयान उस समय आया जब अमेरिका में H-1B वीजा प्रणाली को लेकर बहस तेज हो गई थी। कुछ लोग इस सिस्टम की आलोचना करते हैं, उनका मानना है कि इससे स्थानीय अमेरिकी कर्मचारियों को नुकसान होता है क्योंकि कंपनियां कम वेतन पर विदेशी कामगारों को भर्ती कर लेती हैं।
लेकिन मस्क और टेक उद्योग के अन्य दिग्गज इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उनका तर्क है कि अमेरिका में उच्च कौशल वाले कामों के लिए घरेलू प्रतिभा की कमी है, और ऐसे में विदेशी विशेषज्ञों को H-1B वीजा के माध्यम से लाना आवश्यक हो जाता है। अमेज़न, कॉग्निजेंट, इंफोसिस जैसी बड़ी कंपनियां भी इसी प्रोग्राम के तहत कुशल कामगारों को अपने संगठनों में शामिल करती हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में टेस्ला H-1B वीजा देने वाली कंपनियों की सूची में 16वें स्थान पर थी। इससे साफ है कि मस्क की कंपनी विदेशी प्रतिभाओं पर कितना भरोसा करती है। उन्होंने न केवल खुद H-1B वीजा पर अमेरिका में करियर की शुरुआत की, बल्कि आगे चलकर स्पेसएक्स, टेस्ला जैसी कंपनियों के जरिए अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
मस्क ने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान H-1B सिस्टम में खामियां हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि वीज़ा धारकों के लिए न्यूनतम वेतन को बढ़ाया जाना चाहिए, जिससे कंपनियां केवल सस्ते श्रमिकों के लिए इस प्रोग्राम का दुरुपयोग न करें। साथ ही, वीजा बनाए रखने के लिए वार्षिक शुल्क लगाने की भी वकालत की।
H-1B वीज़ा एक अस्थायी कार्य वीज़ा है, जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कुशल कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। यह आमतौर पर तीन वर्षों के लिए दिया जाता है, जिसे छह वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है। इसके जरिए विदेशी कर्मचारी अमेरिका में कानूनी रूप से काम कर सकते हैं और कंपनियां अपनी जरूरतों के हिसाब से वैश्विक प्रतिभा को नियुक्त कर सकती हैं।
मस्क के समर्थन से यह स्पष्ट है कि H-1B वीजा केवल व्यक्तिगत करियर के लिए नहीं, बल्कि अमेरिका की टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री और इनोवेशन की रीढ़ है। उनका यह कहना कि “अगर जरूरत पड़ी तो मैं इस मुद्दे पर ऐसी जंग छेड़ दूंगा जिसकी तुम कल्पना भी नहीं कर सकते” – इस वीज़ा प्रोग्राम को लेकर उनकी गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस बहस के दोनों पक्षों में दम है, लेकिन इतना तय है कि आने वाले वर्षों में H-1B वीजा सिस्टम में बड़े सुधार और नीतिगत बदलाव देखे जा सकते हैं — और एलन मस्क जैसे दिग्गज इसमें प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।

More From Author

रक्षा सौदे की नई दौड़: रूस बनाम फ्रांस, भारत के फाइटर जेट बाजार को लुभाने की होड़

आलंद में मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोपों की जांच को लेकर SIT गठित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loader-image
Weather
Patna, IN
11:38 pm, Jun 21, 2026
temperature icon 33°C
Mist
Humidity: 71 %
Pressure: 1001 mb
Wind: 13 mph
Wind Gust: 18 mph
Clouds: 75%
Visibility: 3.5 km
Sunrise: 4:59 am
Sunset: 6:43 pm
  • Temperature
  • Precipitation
  • Rain Chance
  • Wind
  • Humidity
  • Pressure
12:00 am
temperature icon
33°/35°°C 0 mm 2% 10 mph 52% 997 mb 0 cm
3:00 am
temperature icon
30°/32°°C 0 mm 6% 11 mph 69% 998 mb 0 cm
6:00 am
temperature icon
31°/35°°C 0 mm 3% 8 mph 58% 1000 mb 0 cm
9:00 am
temperature icon
38°/41°°C 0 mm 1% 5 mph 35% 1000 mb 0 cm
12:00 pm
temperature icon
43°/44°°C 0.28 mm 13% 7 mph 22% 996 mb 0 cm
3:00 pm
temperature icon
41°/44°°C 0.63 mm 25% 9 mph 22% 994 mb 0 cm
6:00 pm
temperature icon
38°/42°°C 0 mm 4% 5 mph 27% 995 mb 0 cm
9:00 pm
temperature icon
34°/36°°C 0.01 mm 5% 14 mph 51% 997 mb 0 cm