
गोपालगंज,निज संवाददाता।जिले में बुधवार की सुबह गंडक नदी के डुमरिया घाट पर डेंगी से नदी पार कर खेतों में काम करने जा रही नाव पलटने तीन बेटियां नदी में लापता गई। वही अन्य सवार तैर कर जान बचाई। इस बेहद दर्दनाक हादसे की खबर ने पूरे जिलेवासियों को झकझोर कर रख दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी गई है, लेकिन खराब मौसम के कारण रेस्क्यू अभियान में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि महम्मदपुर थाना क्षेत्र के डुमरिया घाट के पुल के समीप एक डेंगी पर सवार होकर छह लोग नदी के उस पार काम करने जा रहे थे। जिसमें नाव चालक सहित कुल पांच लोग व अपनी दादी के साथ ये बच्चियां थी। जानकारी के अनुसार खराब मौसम के कारण डेंगी पलट गई। जिसमें तीनों किशोरियां अचानक गहरे पानी में चली गईं और तेज बहाव में बहकर डूब गईं। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक तीनों नदी की तेज धारा में लापता हो चुकी थीं। लापता किशोरियों की पहचान टंडसपुर गांव निवासी चंदन यादव की दो बेटियों तथा मजिस्टर राय की एक बेटी के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि तीनों लड़कियां अक्सर खेती-किसानी के काम से नदी के उस पार जाया करती थीं। बुधवार को भी वे इसी सिलसिले में निकली थीं,लेकिन बीच नदी में पहुंचते ही हादसे का शिकार हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच कर बीच बचाव में जुट गए। प्रशासन ने तत्काल एसडीआरएफ टीम को बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया। हालांकि लगातार बारिश,तेज हवा और गंडक नदी के बढ़ रहे जलस्तर के कारण बचाव कार्य प्रभावित रहा । खराब मौसम की वजह से गोताखोरों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इधर घटना के बाद पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीणों ने डुमरिया घाट पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आती रहती हैं।

