समस्तीपुर (अशोक “अश्क”) समाहरणालय स्थित सभागार में आज दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त एवं निर्वाचक सूची प्रेक्षक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, माननीय सांसद एवं विधायकों के प्रतिनिधियों तथा निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त हो रहे दावों एवं आपत्तियों की समीक्षा करना था। इस दौरान उपस्थित राजनीतिक दलों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं और निर्वाचक सूची में सुधार की जरूरतों को बैठक में प्रमुखता से उठाया।

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष उपेन्द्रनाथ कुशवाहा ने 132 वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र के 245 मतदान केंद्रों पर कई पात्र मतदाताओं के नाम छूटने का मुद्दा उठाया। वहीं भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के ललन कुमार ने वारिसनगर के ही मतदान केंद्र संख्या 171 पर भी कई नाम छूटने की बात कहते हुए उन्हें जोड़ने का अनुरोध किया। इस पर आयुक्त महोदय ने 132 वारिसनगर के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में राष्ट्रीय जनता दल के भिखारी लाल प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय लोक जनता पार्टी के विनय कुमार चौधरी, रालोजपा (आर) के प्रतिनिधि, आम आदमी पार्टी, जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने विचार रखे एवं सुधारात्मक सुझाव दिए।
इस अवसर पर सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, समस्तीपुर उप निर्वाचन पदाधिकारी, अपर समाहर्ता एवं विभिन्न विधायकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 131 कल्याणपुर (अ.जा.) के विधायक प्रतिनिधि प्रो. तकी अख्तर, 135 मोरवा से विधायक प्रतिनिधि श्री जितेन्द्र कुमार, भाजपा के सुनील कुमार, राजद से भिखारी लाल प्रसाद सिंह, रालोजपा से विनय कुमार चौधरी, कांग्रेस से उपेन्द्रनाथ कुशवाहा, कम्युनिष्ट पार्टी से रामाश्रय महतो, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी से ललन कुमार, रालोसपा से अनन्त कुशवाहा, बहुजन समाज पार्टी से विजय कुमार यादव तथा आम आदमी पार्टी से श्री अमरजीत कुमार सिंह भी बैठक में उपस्थित थे।
बैठक के अंत में आयुक्त ने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी दावे और आपत्तियों का निष्पादन समयबद्ध एवं निष्पक्ष रूप से किया जाए ताकि मतदाता सूची की गुणवत्ता में सुधार हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि सभी योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने एवं किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए।
इस समीक्षा बैठक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
















