
पटना,डेस्क 19 जुलाई। बिहार पुलिस की एसटीएफ ने राज्य के बड़े भू-माफियाओं में शामिल पटना व नालंदा के कुख्यात संजय कुमार उर्फ संतोष कुमार उर्फ ‘संतोष डॉन’ को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बने संतोष डॉन की गिरफ्तारी को बिहार पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रही है। गिरफ्तारी के बाद उसे पटना के खुसरूपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार,संतोष डॉन के खिलाफ पटना,नालंदा और आर्थिक अपराध इकाई में दो दर्जन से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, रंगदारी, रंगदारी के लिए हत्या, अवैध भूमि कब्जा, भू-माफिया गतिविधियां, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। वह लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
-2015 से अपराध की दुनिया में सक्रिय,गरीबों की जमीन हड़पने के कई आरोप
बता दें कि वर्ष 2015 में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला संतोष डॉन धीरे-धीरे इलाके का बड़ा भू-माफिया बन गया। उसके खिलाफ गरीब किसानों की जमीन पर अवैध कब्जा करने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी और निजी भूमि हड़पने, कारोबारियों से रंगदारी वसूलने, खुलेआम धमकी देने और गोलीबारी जैसी घटनाओं में संलिप्त रहने के आरोप हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके आतंक के कारण क्षेत्र के कई लोग वर्षों तक खौफ में जीते रहे।
-ईओयू की छापेमारी में सामने आई थी अकूत संपत्ति
इसी वर्ष जून में आर्थिक अपराध इकाई ने संतोष डॉन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना, नालंदा और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में एक साथ छापेमारी की थी। दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ हुई इस कार्रवाई में 25 ठिकानों पर तलाशी ली गई थी।
जांच टीम ने नालंदा जिले के रहुई प्रखंड स्थित उसके पैतृक गांव खिदरचक और पचासा सहित आलीशान मकानों, व्यावसायिक परिसरों और बेनामी संपत्तियों की गहन जांच की थी। खुसरूपुर के पचरुखिया, जगमालबीघा, सुकरबेगचक,मुस्तफापुर और चौड़ा समेत कई स्थानों पर भी उसकी कथित बेनामी संपत्तियों की पड़ताल की गई थी। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति की जानकारी सामने आई थी।
-कई थानों में दर्ज हैं गंभीर मुकदमे
संतोष डॉन के खिलाफ सबसे अधिक मामले पटना जिले के खुसरूपुर थाना में दर्ज हैं। इसके अलावा फतुहा, नालंदा के भगवान बिगहा और सोहसराय थाना क्षेत्रों में भी उसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, जानलेवा हमला, रंगदारी, अवैध भूमि कब्जा और अन्य संगीन अपराध शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार,उसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर भी बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की थी। यहां तक कि अपने गांव में भी कई मकानों और जमीनों पर अवैध कब्जे के आरोप उस पर लगे हैं।
-एसटीएफ की कार्रवाई से अपराध जगत में हड़कंप
बिहार एसटीएफ की लगातार कार्रवाई से संगठित अपराध और भू-माफिया नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ा है। पुलिस अब संतोष डॉन से पूछताछ के आधार पर उसके गिरोह,अवैध संपत्तियों और आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से भूमि माफिया और रंगदारी गिरोहों के खिलाफ चल रहे अभियान को और मजबूती मिलेगी।

