नई दिल्ली, 5 सितम्बर (राजेश मिश्रा) उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा डब्ल्यूआरआई इंडिया के सहयोग से गुरुवार कोबिहार ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) निर्माण कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। यह राज्य का पहला xEV निर्माताओं का सम्मेलन था, जिसमें बिहार में एक मजबूत xEV विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए रोडमैप तैयार किया गया। इस अवसर पर 100 से अधिक उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs), ऑटो कम्पोनेंट निर्माता, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर, बैटरी रिसाइक्लिंग कंपनियां, फ्लीट एग्रीगेटर्स, ईवी विशेषज्ञ तथा विभिन्न थिंक टैंक और अकादमिक जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि, माननीय उद्योग मंत्री, श्री नितिश मिश्रा ने बिहार की ईवी विनिर्माण हेतु निवेश-तत्परता पर बल दिया। उन्होंने कहा “बिहार समावेशी, दूरदर्शी और उद्योग-प्रधान विकास के लिए प्रतिबद्ध है। नेपाल, पूर्वोत्तर राज्यों और झारखंड की नज़दीकी बिहार को क्षेत्रीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए एक द्वार बनाती है। राज्य की प्रगतिशील सोच और सतत विकास की महत्वाकांक्षा को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025 ने और मज़बूत किया है। साथ ही सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएँ कारोबार की सुगमता बढ़ा रही हैं।”

माननीय मंत्री ने गया ज़िले में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) जैसे प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार उद्योग और साझेदारियों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है, ताकि भारत के जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति की जा सके।

इस अवसर पर उद्योग एवं परिवहन विभाग, बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री मिहिर कुमार सिंह ने राज्य की जनसांख्यिकीय क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा “13 करोड़ से अधिक जनसंख्या, 22 वर्ष की मध्य आयु और 58% आबादी 25 वर्ष से कम होने के कारण बिहार देश की सबसे युवा कार्यबल उपलब्ध कराता है। इसे कौशल विकास प्रोत्साहन, मज़बूत शैक्षणिक ढाँचे और लक्षित बुनियादी ढाँचे एवं औद्योगिक विकास का समर्थन प्राप्त है।” उन्होंने बिहार ईवी नीति 2023 के अंतर्गत दिए गए प्रमुख प्रोत्साहनों का भी उल्लेख किया।
कॉन्क्लेव को सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के कार्यकारी निदेशक श्री प्रशांत बनर्जी, चिल्ड्रन्स इन्वेस्टमेंट फंड फाउंडेशन (CIFF) की निदेशक – क्लाइमेट (भारत) सुश्री कोयल कुमार मंडल, क्लाइमेट बॉन्ड्स इनिशिएटिव की दक्षिण एशिया प्रमुख सुश्री नेहा कुमार, डब्ल्यूआरआई इंडिया के कार्यकारी कार्यक्रम निदेशक – एकीकृत परिवहन, स्वच्छ वायु और हाइड्रोजन श्री पवन मुलुकुतला तथा डब्ल्यूआरआई रॉस सेंटर फॉर सस्टेनेबल सिटीज़ के निदेशक – अर्बन मोबिलिटी श्री फेलिप ए. रामिरेज़ बुइत्रागो ने भी संबोधित किया।

बिहार ईवी नीति की प्रमुख विशेषताएँ:
दोपहिया वाहनों पर अधिकतम ₹20,000 तक, तिपहिया पर ₹30,000 तक, चारपहिया पर ₹1.5 लाख तक तथा इलेक्ट्रिक बसों पर ₹20 लाख तक की सीधी सब्सिडी।
ईवी चार्जिंग एवं बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन हेतु 25% पूंजीगत सब्सिडी तथा पहले तीन वर्षों तक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों पर 30% बिजली दर सब्सिडी।
मोटर वाहन पंजीकरण शुल्क पर 75% की छूट, नीति अवधि में पंजीकृत ईवी पर 100% रोड टैक्स माफी, तथा वाणिज्यिक ईवी के लिए परमिट शुल्क छूट।
विनिर्माण और उद्योग संबंधी प्रोत्साहन बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025 के अंतर्गत उपलब्ध होंगे।
उद्योग जगत के प्रतिभागियों ने बिहार सरकार की सकारात्मक पहलों की सराहना की और ईवी विनिर्माण हेतु अनुकूलित समाधान, कौशल विकास, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा तथा ईवी की माँग सृजन जैसी बहुस्तरीय नीति उपायों पर ज़ोर दिया। सभी ने माना कि ये कदम बिहार को पूर्वी भारत का अग्रणी xEV विनिर्माण केंद्र बनाने में सहायक होंगे।
बिहार ईवी निर्माण कॉन्क्लेव राज्य की यात्रा का एक अहम पड़ाव साबित हुआ, जिसके माध्यम से बिहार ने यह संदेश दिया कि सुदृढ़ नीतिगत समर्थन, युवा जनसांख्यिकीय शक्ति और उद्योग जगत की रुचि के साथ, वह भारत की स्वच्छ परिवहन क्रांति में अगुवाई करने के लिए तैयार है।

